टोंक हत्याकांड: 56 लाख रुपये के कर्ज ने दोस्त को बनाया कातिल, व्यापारी की कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या राजस्थान एक महीने पहले 45
राजस्थान के टोंक में व्यापारी पवन कुमार गर्ग की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी राकेश ताम्बी ने 56 लाख रुपये के कर्ज के दबाव में आकर दोस्त की हत्या कर दी।

आर्थिक तंगी बनी हत्या की वजह

टोंक में हुए व्यापारी पवन कुमार गर्ग हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश ताम्बी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने करीब 11 लोगों से कुल 56 लाख रुपये उधार ले रखे थे। कर्ज के ब्याज का भुगतान करने का दबाव इतना अधिक था कि वह लगातार पैसों की तलाश कर रहा था।

पार्टी के दौरान रची साजिश

पुलिस के अनुसार, घटना के दिन आरोपी राकेश ताम्बी व्यापारी पवन कुमार गर्ग की दुकान पर पहुंचा। वहां दोनों के बीच बातचीत हुई और दोनों ने साथ मिलकर शराब पार्टी की। इस दौरान आरोपी ने पवन कुमार से उधार के रूप में पैसों की मांग की। जब पवन कुमार ने रुपये देने से साफ इनकार कर दिया, तो उनके बीच विवाद शुरू हो गया। आरोपी ने गुस्से में आकर दुकान में रखी कुल्हाड़ी से पवन कुमार पर हमला कर दिया। हमला करने के बाद भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने रस्सी से गला घोंटकर व्यापारी की हत्या कर दी।

ऐसे पकड़ा गया आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विशेष टीम (DST) और कोतवाली थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, तकनीकी जानकारी और मुखबिर की सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी राकेश ताम्बी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हुआ जुर्म कबूल

पुलिस हिरासत में कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी राकेश ताम्बी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि कर्ज के बढ़ते बोझ और लेनदारों के लगातार दबाव के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था। उसने पवन कुमार गर्ग से पैसे न मिलने पर नाराज होकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप