मौसम अपडेट: मानसून की विदाई की तैयारी, लेकिन उससे पहले 60 KMPH की रफ्तार वाले तूफान और भारी बारिश का अलर्ट राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 5
भारतीय मौसम विभाग ने मानसून की वापसी की तारीख का संकेत दे दिया है, हालांकि विदाई से ठीक पहले देश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है।

मानसून की वापसी और मौसमी बदलाव

भारत में अब मौसम एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, जिसके संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की आधिकारिक वापसी की संभावित तिथि के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, मानसून भले ही विदाई की तैयारी में हो, लेकिन जाने से पहले यह देश के बड़े हिस्से में अपना असर दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में सर्दी का मौसम भी धीरे-धीरे दस्तक देने की शुरुआत करेगा।

तूफान और बारिश का ताजा पूर्वानुमान

देश के विभिन्न हिस्सों में दो स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के मेल ने बारिश के इस दौर को और प्रबल बना दिया है। इसके साथ ही अरब सागर में बन रहे नए सिस्टम का असर गुजरात से लेकर महाराष्ट्र और गोवा तक दिखाई दे रहा है, जहां भारी बारिश का सिलसिला जारी है।

मानसून की वापसी के संकेत

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मानसून की विदाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से बनने लगेंगी। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते सौराष्ट्र और कच्छ में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मानसून की ट्रफ लाइन की स्थिति सामान्य बनी हुई है, जो अगले कुछ दिनों तक देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियों को बनाए रखेगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बंगाल की खाड़ी के पास बने विभिन्न मौसमी तंत्रों के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में 14 से 20 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने वाला है।

निम्न दबाव का असर और चक्रवाती परिसंचरण

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तर गुजरात के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव काफी व्यापक है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के निचले क्षोभमंडल तक फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर भारत में बारिश की स्थिति

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में 15 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इन तीन दिनों के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। राजस्थान में भी मौसम का असर बना रहेगा, जहां पश्चिमी राजस्थान में 15 से 18 सितंबर और पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर तक बारिश के आसार हैं। यहाँ हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पहाड़ी इलाकों और मध्य भारत का हाल

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 से 20 सितंबर के बीच बारिश की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 से 20 सितंबर तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जिसमें उत्तराखंड के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय है। यहाँ 15 से 20 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। विदर्भ में 15 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

पूर्वी और पश्चिमी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के राज्यों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 सितंबर तक लगातार बारिश की चेतावनी दी गई है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड में 20 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। ओडिशा में 18 से 20 सितंबर के बीच भारी वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी भारत में कोंकण, गोवा और गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य भाग में भी 20 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल, माहे और लक्षद्वीप में 15 से 20 सितंबर तक बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 18 और 19 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मछुआरों के लिए सुरक्षा निर्देश

समुद्री गतिविधियों को लेकर भी विभाग ने चेतावनी जारी की है। गुजरात तट और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक समुद्र की स्थिति प्रतिकूल बनी रहेगी। इसी तरह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में 15 से 19 सितंबर तक और अंडमान सागर में 16 से 19 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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