दिल्ली में शताब्दी रॉय के घर जुटे टीएमसी के बागी सांसद, सुवेंदु अधिकारी भी पहुंचे राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 41
दिल्ली में टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर पार्टी के आठ बागी सांसद जुटे, जहां सुवेंदु अधिकारी ने एक ही दिन में दूसरी बार उनसे मुलाकात की. लगातार बैठकों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर पनप रही बगावत अब और साफ तौर पर सतह पर आती दिख रही है. दिल्ली में टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर पार्टी के असंतुष्ट सांसदों का जमावड़ा लगा, जहां बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी भी पहुंचे.

शताब्दी रॉय के घर बैठक

दिल्ली में शताब्दी रॉय के आवास पर सोमवार को पार्टी के कई बागी सांसद एकत्र हुए. इस बैठक में बापी हलदार, अबू ताहिर खान, असित कुमार मल, खलील उर रहमान और शर्मिला सरकार समेत कुल आठ सांसद मौजूद रहे. इसी दौरान बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी भी शताब्दी रॉय के घर पहुंचे.

खास बात यह रही कि एक ही दिन में दूसरी बार सुवेंदु अधिकारी ने बागी सांसदों से मुलाकात की. बागी सांसदों की लगातार होती बैठकों और बीजेपी नेताओं के साथ बढ़ते संपर्क ने बंगाल की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है. इस बीच टीएमसी सांसद जून मालिया भी दिल्ली में शताब्दी रॉय के आवास पर पहुंचीं.

ममता का साथ किन नेताओं ने छोड़ा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 215 सीटों वाली टीएमसी अब घटकर 80 सीटों पर आ गई है. पार्टी में औपचारिक टूट जैसी स्थिति बन चुकी है और 80 में से करीब 58 विधायक तथा कई लोकसभा सांसद ममता बनर्जी से दूरी बना रहे हैं या अलग होने की तैयारी में हैं.

बताया जा रहा है कि बागी नेताओं में सबसे ज्यादा नाराजगी ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर है. लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को दावा किया कि टीएमसी के कम से कम 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है.

सुवेंदु ने दिखाया विक्ट्री साइन

शताब्दी रॉय के घर टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक जारी रही. जब सीएम सुवेंदु अधिकारी इस बैठक से बाहर निकल रहे थे, तब उन्होंने विक्ट्री साइन दिखाया. इसके जरिए उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि बीजेपी अपने मकसद में सफल हो गई है.

काकोली का दावा- ममता मेरी मार्गदर्शक

इसी बीच लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि वह पिछले 40 वर्षों से ममता बनर्जी के साथ जुड़ी रही हैं और उन्हें हमेशा अपना नेता और मार्गदर्शक मानती आई हैं.

हालांकि, काकोली ने आरोप लगाया कि बीते तीन-चार वर्षों में सरकार और संगठन का कामकाज संतोषजनक नहीं रहा. उनके मुताबिक, कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा फिल्म उद्योग जैसे क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जबकि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी कमजोर पड़ी है.

उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकारी अधिकारियों पर कुछ नेताओं की मनमानी के अनुसार काम करने का दबाव बनाया जाता रहा, जिससे पार्टी और सरकार दोनों की छवि को नुकसान पहुंचा है.

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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