TMC में फूट: बागी सांसदों की बैठक के बीच कीर्ति आजाद और सागरिका घोष पहुंचे ओम बिरला के पास, सौंपा पत्र भारत एक महीने पहले 29
केंद्रीय मंत्री के आवास पर TMC के बागी सांसदों की बैठक के बीच ममता समर्थक सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने पहुंचे और अलग गुट बनाए जाने के खिलाफ आवेदन सौंपा।

राजधानी नई दिल्ली में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई। एक ओर जहां केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र चौधरी के निवास पर TMC के बागी सांसद जुटे, वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा रखने वाले सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के घर जा पहुंचे। स्पीकर के घर पर न मिलने पर दोनों नेताओं ने उनके कार्यालय में अपना पत्र जमा कराया।

कीर्ति आजाद ने संविधान का दिया हवाला

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने मुलाकात के बाद बताया, 'हमने स्पीकर को एक आवेदन दिया है। इसे हम पहले ही उन्हें ईमेल के माध्यम से भेज चुके थे और आज उसकी हार्ड कॉपी सौंपने पहुंचे थे। वे मौजूद नहीं थे, इसलिए हमने उनके दफ्तर से रिसीविंग ले ली। संविधान में किसी अलग ग्रुप के गठन को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। महाराष्ट्र का मामला बीते 5 साल से अदालत में लंबित है। न्याय में देरी का अर्थ है न्याय न मिलना।'

हमें भरोसा है कि स्पीकर संविधान के अनुरूप निष्पक्ष फैसला लेंगे। ममता बनर्जी की पार्टी में कोई अलग धड़ा नहीं बनाया जा सकता। कोई दल सिर्फ 20 सांसदों या 60 विधायकों से नहीं बनता, बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से बनता है, न कि केवल इन चंद लोगों से। इस पार्टी को खड़ा खुद ममता बनर्जी ने किया है।

सागरिका घोष ने उठाया नैतिकता का सवाल

TMC सांसद सागरिका घोष ने कहा, 'हमने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर बताया है कि TMC एक अखंड पार्टी है और लोकसभा के भीतर कोई अलग गुट नहीं बनाया जा सकता। यह संविधान के विरुद्ध है। हमने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि जो लोग TMC को तोड़कर सदन के भीतर अलग गुट बनाना चाहते हैं, उनका यह कदम संविधान के खिलाफ है। संविधान इसकी इजाजत नहीं देता और यह कानून के भी विरुद्ध है।' उन्होंने आगे कहा कि यह नैतिक कमजोरी को दर्शाता है, जब किसी पार्टी के हारने पर लोग उसी दल, उसके नेता और उस चुनाव चिह्न को छोड़ देते हैं, जिसके बल पर वे चुनाव जीते थे।

सौगत रॉय का बागियों पर तंज

वहीं TMC सांसद सौगत रॉय ने भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंचे बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, 'अगर वे पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन लोटस के प्रभारी BJP नेता से मिलते हैं, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। और अगर आज वे स्पीकर से मिलते हैं, तो भी ठीक है। हमने तो BJP और NDA के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। ऐसे में NDA में शामिल होना अनैतिक है।'

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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