सितंबर में गार्डन को दें नई चमक: मानसून के बाद पौधों की देखभाल और सर्दियों के फूलों की तैयारी के टिप्स जीवनशैली एक घंटा पहले 3
मानसून की विदाई के बाद सितंबर का महीना बागवानी के लिए बेहद खास होता है। इस लेख में जानिए कैसे आप अपने गार्डन को व्यवस्थित कर सकते हैं और आने वाली सर्दियों के लिए फूलों की तैयारी अभी से शुरू कर सकते हैं।

मानसून के बाद गार्डन की तैयारी

मानसून का मौसम खत्म होते ही सितंबर का महीना बागवानी के शौकीनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यह वह समय है जब आप अपने घर के गार्डन को फिर से व्यवस्थित कर सकते हैं और आने वाली सर्दियों के लिए नींव तैयार कर सकते हैं। बारिश के दौरान पौधों को भरपूर पानी मिलने से उनकी ग्रोथ तो अच्छी होती है, लेकिन लगातार नमी और जलजमाव के कारण जड़ों के सड़ने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए, सितंबर में सबसे पहले आपको अपने पौधों और गमलों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करना चाहिए।

एक्सपर्ट की राय और गार्डन की देखरेख

पलामू जिले के गार्डेनिंग एक्सपर्ट डॉक्टर डीएस श्रीवास्तव के अनुसार, मानसून के तुरंत बाद गार्डन में सुधार की प्रक्रिया शुरू करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले गमलों की जल निकासी प्रणाली यानी ड्रेनेज सिस्टम की जांच करें। यदि गमलों में पानी ठहर रहा है, तो तुरंत निकासी के छिद्रों को साफ करें ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। इसके साथ ही, गमलों को ऐसी सुरक्षित जगह पर रखें जहाँ तेज हवाओं या बारिश के कारण उनके गिरने या टूटने का जोखिम न हो।

बारिश के बाद कई पौधों की अनियंत्रित ग्रोथ हो जाती है। ऐसे में पौधों की अतिरिक्त शाखाओं और सूखी पत्तियों की छंटाई करना बहुत जरूरी है ताकि उन्हें सही आकार दिया जा सके। छंटाई करने से न केवल पौधे का रूप निखरता है, बल्कि उनमें नई कोपलें आने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सर्दियों के फूलों की तैयारी

एक्सपर्ट का कहना है कि सितंबर का महीना विंटर फ्लावरिंग के लिए तैयारी करने का सही वक्त है। सर्दियों का मौसम गार्डन के लिए सबसे रंगीन समय माना जाता है। इस दौरान डहेलिया और गुलदाउदी जैसे बेहद आकर्षक फूल खिलते हैं। इन पौधों के लिए अभी से कटिंग तैयार की जा सकती है। इसके अलावा, गेंदे के फूलों की विभिन्न किस्मों की बुआई के लिए भी यही सही समय है। यदि आप अभी सही तरीके से बीजों का रोपण करेंगे, तो सर्दियों के आते-आते आपका गार्डन फूलों से भर जाएगा।

मिट्टी की उर्वरक क्षमता में सुधार

मानसून के बाद पुरानी मिट्टी की जांच करना भी बहुत जरूरी है। लंबे समय तक गमलों में रहने के कारण मिट्टी की पोषक क्षमता कम हो जाती है। इसे सुधारने के लिए मिट्टी में जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट या अन्य आवश्यक पोषक तत्व मिलाना फायदेमंद होता है। बड़े और पुराने पौधों के लिए रूट प्रूनिंग यानी जड़ों की छंटाई भी एक अच्छा विकल्प है, हालांकि इसे करते समय पौधे की प्रजाति और उसकी जरूरत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

गार्डन को दें नया और आकर्षक लुक

सिस्टमैटिक गार्डेनिंग के जरिए आप अपने गार्डन को और भी सुंदर बना सकते हैं। एक्सपर्ट के सुझावों के अनुसार, सितंबर में पुराने पौधों की देखभाल के साथ-साथ आप कुछ नए और खूबसूरत शो प्लांट भी गार्डन में शामिल कर सकते हैं। गमलों को व्यवस्थित क्रम में सजाने और समय-समय पर छंटाई करने से गार्डन का आकर्षण कई गुना बढ़ जाता है। सही खाद, पर्याप्त जल निकासी और पौधों की निरंतर देखभाल का असर आपको आने वाले सर्दियों के मौसम में देखने को मिलेगा, जब आपका पूरा गार्डन रंग-बिरंगे फूलों और घनी हरियाली से खिल उठेगा। यदि आप इन बातों का पालन करते हैं, तो आपका गार्डन साल भर हरा-भरा और सुंदर बना रहेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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