जीवनशैली
2 घंटे पहले
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मोगरे के पौधे को फूलों से लदे देखने का आसान तरीका
सफेद और मनमोहक खुशबू वाले मोगरे के फूल किसे पसंद नहीं होते। हर गार्डनिंग के शौकीन व्यक्ति की यह दिली ख्वाहिश होती है कि उसका मोगरे का पौधा गर्मियों और बरसात के मौसम में सफेद फूलों से लदा रहे। हालांकि, कई बार माली की मेहनत के बाद भी पौधा केवल पत्तियों से ही भरा रहता है और कलियां कम आती हैं। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसके पीछे गलत देखभाल, पोषण की कमी या धूप का सही इंतजाम न होना मुख्य कारण हो सकते हैं। कुछ बेहद सरल और कारगर गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप अपने मोगरे के पौधे को फूलों की फैक्ट्री बना सकते हैं।
सीधी धूप है बेहद अनिवार्य
मोगरे के पौधे को अपनी पूरी क्षमता से फलने-फूलने के लिए प्रकाश की बहुत आवश्यकता होती है। यदि आपका पौधा छायादार स्थान पर रखा है, तो वह बढ़ तो जाएगा, लेकिन उसमें फूलों का आना कम हो जाएगा। एक स्वस्थ मोगरे के पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है। इसलिए, अपने गमले को ऐसी जगह पर स्थापित करें जहां उसे भरपूर धूप मिल सके। अधिक धूप मिलने से पौधे को ऊर्जा मिलती है, जिससे वह अधिक से अधिक कलियां बनाने में सक्षम होता है।
नियमित छंटाई का महत्व
पौधे की बनावट और फूलों के उत्पादन के लिए समय-समय पर छंटाई यानी प्रूनिंग करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यदि आप पौधे की सूखी, कमजोर या पुरानी टहनियों को नियमित रूप से काटते रहेंगे, तो इससे नई और स्वस्थ शाखाएं तेजी से निकलेंगी। याद रखें कि मोगरे की कलियां हमेशा नई शाखाओं पर ही अधिक मात्रा में आती हैं। जैसे ही पौधे पर फूल आना बंद हो जाएं या फूल सूख जाएं, तो हल्की प्रूनिंग अवश्य करें, ताकि अगले चक्र में अधिक फूल खिल सकें।
संतुलित खाद और पोषण का प्रबंधन
पौधे को पोषण देने के लिए महीने में एक बार अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करना काफी फायदेमंद होता है। घर में उपलब्ध जैविक खाद भी इसके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा, केले के छिलकों से बनी खाद या बोनमील का सीमित मात्रा में प्रयोग करने से पौधे को पोटाश और फॉस्फोरस मिलता है। ये पोषक तत्व फूल बनाने की प्रक्रिया को गति प्रदान करते हैं। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नाइट्रोजन वाली खाद का अत्यधिक प्रयोग न करें, क्योंकि इससे केवल पत्तियों की बढ़त होती है और फूल कम आने लगते हैं।
सिंचाई और जल निकासी का संतुलन
सिंचाई हमेशा मौसम और मिट्टी की नमी को देखकर ही करनी चाहिए। गर्मियों के दौरान जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूख जाए, तभी पानी दें। लेकिन यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि गमले में पानी जमा न हो, क्योंकि जलभराव के कारण जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा कमजोर हो जाता है। बरसात के मौसम में जल निकासी की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें ताकि गमले में अतिरिक्त पानी न ठहरे।
कीटों से बचाव और विशेषज्ञ की सलाह
पौधे को स्वस्थ रखने के लिए कीटों और फफूंद से बचाव भी जरूरी है। यदि आपको पत्तियों पर कीड़े दिखाई दें, तो तुरंत नीम के तेल के घोल या किसी भी सुरक्षित जैविक कीटनाशक का छिड़काव करें। स्वस्थ पौधा ही फूलों की भरपूर पैदावार दे सकता है। रायबरेली स्थित एसबीवीपी इंटर कॉलेज में गार्डनिंग का काम संभालने वाले अनिल कुमार के अनुसार, धूप, सही खाद, संतुलित सिंचाई, समय पर की गई छंटाई और नियमित देखभाल ही वह कुंजी है जिससे मोगरे का पौधा पूरे मौसम फूलों से महकता रहेगा। इन आसान सुझावों को अपनाकर आप अपने आंगन की सुंदरता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
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