आम के पौधे में जल्द चाहिए फल तो अपनाएं ग्राफ्टिंग का तरीका, गुठली से उगाने पर लगेगा लंबा समय जीवनशैली एक घंटा पहले 6
अगर आप आम के पेड़ पर केवल 3 साल में फल देखना चाहते हैं, तो गुठली से पौधा उगाने के बजाय ग्राफ्टिंग की तकनीक का उपयोग करना सबसे बेहतर विकल्प है।

आम उगाने का सही तरीका

बागवानी के शौकीन लोग अक्सर अपने बगीचे में आम का पेड़ लगाने के लिए गुठली का उपयोग करते हैं। इस प्रक्रिया में सबसे पहले अच्छी और स्वस्थ आम की गुठलियों को पानी से अच्छी तरह धोया जाता है। इसके बाद इन्हें कुछ समय तक छाया में सुखाकर मिट्टी में लगा दिया जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया देखने में जितनी सरल लगती है, इसके परिणाम उतने ही धीमे हो सकते हैं।

गुठली बनाम ग्राफ्टिंग का अंतर

बागेश्वर के किशन मलड़ा ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके अनुसार, आम की नर्सरी तैयार करने के लिए गुठली का उपयोग मुख्य रूप से रूटस्टॉक विकसित करने के लिए किया जाता है। यदि आप सीधे बीज या गुठली से आम का पौधा उगाते हैं, तो उस पेड़ को फल देने के योग्य होने में लंबा समय लग सकता है। सामान्यतः बीज से तैयार किए गए पौधों में फल लगने की प्रक्रिया में 8 से 10 साल या कम से कम 7 से 8 साल तक का समय लग सकता है।

जल्द फल पाने का सीक्रेट

यदि आप चाहते हैं कि आपके आम के पेड़ पर केवल 3 साल में ही फल आने शुरू हो जाएं, तो आपको ग्राफ्टिंग यानी कलम लगाने की विधि अपनानी चाहिए। ग्राफ्ट किए गए पौधों की खासियत यह होती है कि वे बीज से उगे पौधों की तुलना में काफी जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं। ग्राफ्टिंग तकनीक न केवल समय की बचत करती है, बल्कि यह पेड़ की गुणवत्ता और फलों के स्वाद को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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