जीवनशैली
एक महीने पहले
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सफर में अचानक आई खराबी से ऐसे पाएं निजात
अक्सर देखा गया है कि बाइक से कहीं बाहर जाने पर अगर अंधेरा हो जाए और उसी समय गाड़ी की बैटरी अचानक से फेल हो जाए, तो बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति में बाइक की हेडलाइट जलना बंद हो जाती है और हॉर्न भी आवाज नहीं करता है, जिससे रात के समय ड्राइविंग करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। अगर आप भी कभी ऐसी स्थिति में फंस जाएं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। छपरा के एक अनुभवी बाइक मैकेनिक श्रवण कुमार ने एक ऐसा देसी जुगाड़ साझा किया है, जिससे बहुत ही कम खर्च में आप अपनी गाड़ी को फिर से चालू हालत में ला सकते हैं।
सिर्फ ₹40 का खर्च और तुरंत समाधान
सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड के टेक्निवास बाजार के रहने वाले बाइक मैकेनिक श्रवण कुमार ने बताया कि जब बाइक की बैटरी पूरी तरह से खराब हो जाती है, तो लाइट और हॉर्न का कनेक्शन कट जाता है। इसे ठीक करने के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप किसी भी इलेक्ट्रॉनिक दुकान से जाकर एक कंडेंसर खरीद सकते हैं। इस कंडेंसर की कीमत मात्र ₹30 है और इसे लगाने के लिए मैकेनिक को करीब ₹10 का मेहनताना देना होता है। इस तरह कुल ₹40 के खर्च में आपकी बाइक की लाइट और हॉर्न पहले की तरह काम करने लगते हैं।
इस तरह करें कंडेंसर का कनेक्शन
इस जुगाड़ को करना बेहद आसान है, जिसे कोई भी व्यक्ति थोड़ी सी जानकारी के साथ खुद भी कर सकता है। आपको बस कंडेंसर के दोनों सिरों पर तार जोड़ने होते हैं। इसके बाद जिस तार में बैटरी का कनेक्शन दिया गया होता है, उसी में इस कंडेंसर को भी अटैच कर देना होता है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में 1 मिनट से भी कम का समय लगता है। मैकेनिक के अनुसार, इसे लगाते ही आपकी बाइक की लाइट बिल्कुल नई बैटरी की तरह तेज रोशनी देने लगती है और हॉर्न की आवाज में भी काफी सुधार आ जाता है। ग्रामीण इलाकों में तो लोग अब खुद से भी इस ट्रिक को आसानी से आजमा लेते हैं।
कितने दिनों तक चलता है यह जुगाड़?
यह सवाल महत्वपूर्ण है कि आखिर यह जुगाड़ कितने दिनों तक काम करेगा। श्रवण कुमार के अनुसार, अपनी गाड़ी में इस इलेक्ट्रॉनिक कंडेंसर को लगाने के बाद आप 3 से 6 महीने तक इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं। यह न केवल अचानक आई समस्या का एक बेहतरीन तत्काल समाधान है, बल्कि यह आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ता है। यह कंडेंसर बैटरी के पावर को बूस्ट करने का काम करता है, जिससे लाइट और हॉर्न को निरंतर ऊर्जा मिलती रहती है।
मैकेनिक का अनुभव और सलाह
मैकेनिक श्रवण कुमार का कहना है कि उन्होंने खुद कई साल पहले इसका प्रयोग किया था और आज सैकड़ों गाड़ियों में इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह तरीका आपातकालीन परिस्थितियों में किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जुगाड़ को लगाने से गाड़ी या बैटरी को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है, बल्कि यह बैटरी की क्षमता को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करता है। यदि आपके पास तत्काल पैसे की कमी है या आप किसी ऐसी जगह फंसे हैं जहां कोई गैराज उपलब्ध नहीं है, तो यह तरीका आपको सुरक्षित घर तक पहुँचाने में पूरी तरह से सक्षम है। यह तकनीक कम बजट में अधिक लाभ देने वाली साबित हो रही है।
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