‘फिर तो कपिल शर्मा का शो हो जाएगा’: राहुल गांधी पर अवध ओझा ने कसा तंज, कांग्रेस को दिखाया आईना राष्ट्रीय राजनीति 6 घंटे पहले 2
प्रसिद्ध शिक्षाविद अवध ओझा ने जॉर्जिया मेलोनी पर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी और स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा निशाना साधा है।

देश के जाने-माने शिक्षाविद और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक शैली के लिए प्रसिद्ध अवध ओझा ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा सियासी हमला बोला है। अवध ओझा ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों और लालकिले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की दूरी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष के नेता का काम केवल लोगों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि देश को एक सही दिशा देना भी है।

'कपिल शर्मा शो' से की विपक्ष के रवैये की तुलना

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए अवध ओझा ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा जॉर्जिया मेलोनी पर की गई बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी बहुत समझदार है। युवा शायद इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया मीम्स पर थोड़ा हंस सकते हैं, लेकिन वे इसे कभी भी गंभीरता से नहीं लेंगे।

अवध ओझा ने तंज कसते हुए कहा, "अगर राजनीति का स्तर ऐसा ही रहेगा, तो फिर यह कपिल शर्मा के शो जैसा हो जाएगा। कपिल शर्मा भी अपने शो में यही करते हैं, वे लोगों को हंसाते हैं। इसलिए विपक्ष के नेता का काम सिर्फ जनता को हंसाना नहीं है, बल्कि उन्हें देश को एक सकारात्मक दिशा भी देनी होती है। इस बात का ध्यान रखना हर बड़े नेता के लिए बेहद जरूरी है।"

स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस की दूरी पर उठाए गंभीर सवाल

लालकिले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गैर-मौजूदगी पर अवध ओझा ने गहरी असहमति जताई। उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में राहुल गांधी के फैसले से असहमत हूं। हालांकि वे विपक्ष के नेता हैं और एक समझदार व्यक्ति हैं, लेकिन जब बात देश के सबसे बड़े पर्व यानी स्वतंत्रता दिवस को मनाने की आती है, तो वैचारिक मतभेदों को पूरी तरह से किनारे रख देना चाहिए।"

उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने कई लोगों को इस बात से बेहद परेशान और आहत देखा। उन्होंने आगे कहा, "यह मुझे काफी अजीब लगा क्योंकि वैचारिक और राजनीतिक मतभेद कभी भी आपसी दुश्मनी का कारण नहीं बनने चाहिए। यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रहित का मामला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को इस ऐतिहासिक समारोह में निश्चित रूप से शामिल होना चाहिए था। यह किसी खास राजनीतिक दल का आयोजन नहीं है, बल्कि पूरे देश का उत्सव है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर विपक्ष के नेताओं की गरिमापूर्ण उपस्थिति बेहद आवश्यक थी।"

प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी नेताओं से गले मिलने का किया बचाव

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से गले मिलना गलत है? इस सवाल पर अवध ओझा ने प्रधानमंत्री मोदी का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह से कुछ भी गलत नहीं है। दुनिया के कई देशों के प्रमुख जब आपस में मुलाकात करते हैं, तो एक-दूसरे को गले लगाकर गर्मजोशी से स्वागत करते हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक शिष्टाचार है और इसमें कुछ भी बुरा नहीं है।

सीजेपी और अपशब्दों के इस्तेमाल पर रखी बेबाक राय

सीजेपी यानी 'कॉकरोच जनता पार्टी' का आम आदमी पार्टी से कथित संबंध होने और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के सवाल पर भी अवध ओझा ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता कि कोई सीधा संबंध है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने समय-समय पर उन्हें काफी समर्थन दिया है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इनका कोई सीधा सांगठनिक जुड़ाव है।"

प्रदर्शनों के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ओझा ने समाज और सिनेमा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "जब हमारे समाज में फिल्में और वेब सीरीज बनती हैं, तो हमारा युवा वर्ग हमारे साहित्य और सिनेमा से बहुत कुछ सीखता है। फिल्मों में जब इतनी अभद्र भाषा का खुलेआम इस्तेमाल होता है, तो बच्चे और युवा जाहिर तौर पर कहीं न कहीं से इन गलत शब्दों को सीखेंगे ही। इसका सीधा असर उनके आचरण पर भी पड़ता है।"

'कॉकरोच जनता पार्टी' के भविष्य पर दी अहम सलाह

युवाओं के नए संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के भविष्य को लेकर अवध ओझा ने एक सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवाओं ने खुद को संगठित कर इस पार्टी का गठन किया है, वह एक स्वागत योग्य और उत्साहजनक कदम है।

हालांकि, ओझा ने इन युवाओं को एक बेहद महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने कहा:

  • युवाओं को अपने संगठन के लिए एक अनुभवी दिशा निर्देशक मंडल (मार्गदर्शक मंडल) बनाना चाहिए।
  • इस मंडल में समाज के कुछ वरिष्ठ और अनुभवी लोगों को शामिल किया जाना चाहिए।
  • युवाओं के पास ऊर्जा, उत्साह, समझदारी और एक उद्देश्य है, लेकिन अनुभवी लोगों की सलाह उन्हें और अधिक प्रभावी ढंग से काम करना सिखाएगी।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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