दिल्ली में पुरानी गाड़ियों के प्रवेश प्रतिबंध से NCR में मची खलबली, CNG किट लगवाने वालों में 50% का उछाल ऑटो 59 मिनट पहले 5
दिल्ली सरकार द्वारा 1 नवंबर से शहर के बाहर रजिस्टर्ड BS-3 और BS-4 गाड़ियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के बाद नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में सीएनजी किट लगवाने की मांग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

दिल्ली के कड़े नियमों से NCR के वाहन मालिकों पर बढ़ा दबाव

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में गाड़ियों में सीएनजी किट लगाने वाले सेंटरों पर मांग में भारी इजाफा देखा जा रहा है। ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और किट फिटमेंट सेंटर संचालकों का कहना है कि गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाने वाले ग्राहकों की तादाद में 50 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक आई तेजी के पीछे दिल्ली सरकार का वह कड़ा फैसला है, जिसके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-4, BS-3 या उससे नीचे के मानकों वाली सभी पुरानी गाड़ियों के दिल्ली प्रवेश पर 1 नवंबर से पूरी तरह रोक लगा दी गई है। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के मकसद से सरकार ने पुरानी गाड़ियों के प्रवेश पर यह प्रतिबंध 31 जनवरी, 2027 तक लागू रखने का ऐलान किया है।

सीएनजी, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों को पाबंदी से राहत

दिल्ली सरकार द्वारा लागू किए गए इस सख्त नियम की वजह से NCR के उन लाखों निवासियों के सामने चुनौती पैदा हो गई है, जिन्हें रोजाना अपने कामकाज के लिए दिल्ली आना-जाना पड़ता है। जिनके पास पुरानी BS-3 या BS-4 गाड़ियां हैं, वे इस महंगाई में नई गाड़ी खरीदने की जगह अपनी मौजूदा कार में ही सीएनजी किट लगवाना बेहतर मान रहे हैं। नए नियमों के अनुसार, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड केवल उन्हीं वाहनों को शहर में आने की इजाजत है जो BS-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करते हैं। यह पाबंदी BS-4 और उससे पुरानी सभी पेट्रोल और डीजल कारों पर समान रूप से लागू होती है। हालांकि, सरकार ने राहत देते हुए सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ कुछ खास आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को इस बैन से पूरी तरह मुक्त रखा है।

नोएडा में सीएनजी किट लगवाने वालों की मांग में 50% से अधिक तेजी

नोएडा के सेक्टर-122 में सीएनजी फिटमेंट सेंटर चलाने वाले शक्ति सिंह ने बताया कि दिल्ली में नए नियम लागू होने के बाद से पिछले 15 दिन में उनके पास सीएनजी किट लगवाने की मांग में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा का उछाल देखा गया है। उनके मुताबिक, किसी भी सामान्य पेट्रोल कार को सीएनजी में तब्दील करने का शुरुआती खर्च लगभग 35,000 रुपये से शुरू हो जाता है। यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए, विशेषकर उन लोगों के पास जिनके पास छोटी कारें हैं, एक बेहद किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित हो रहा है।

हरियाणा के करनाल में भी कारोबार में 30 फीसदी तक की वृद्धि

दिल्ली सरकार के इस फैसले का असर आसपास के अन्य जिलों पर भी साफ दिख रहा है। हरियाणा के करनाल में सीएनजी किट लगाने वाले एक अन्य व्यवसायी ने जानकारी दी कि पिछले कुछ ही दिनों के भीतर उनके यहां किट लगाने के काम में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जो ग्राहक केवल पूछताछ करके चले जाते थे, अब वे दोबारा संपर्क करके किट लगवाने की बुकिंग करा रहे हैं। कारोबारी के अनुसार, वायु प्रदूषण के इन महीनों में हर साल व्यापार में थोड़ा मौसमी उछाल आता ही है, लेकिन इस बार यह तेजी सामान्य सालों की तुलना में कहीं अधिक नजर आ रही है।

सुमित बंसल पाबना के ऑटो एवं बिजनेस रिपोर्टर हैं, जो कार, बाइक और ऑटो उद्योग की खबरें कवर करते हैं। नई गाड़ियों के लॉन्च, फीचर्स, कीमत और ईवी जैसे बदलते रुझानों पर वे विस्तार से लिखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स खरीदारों को सही फैसला लेने में मदद करती हैं।

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