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4 घंटे पहले
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एयर इंडिया में नेतृत्व का नया अध्याय
विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयर इंडिया में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। एयरलाइन ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त करने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण पद पर अब तक कैंपबेल विल्सन कार्यरत थे, जो वर्ष 2022 से एयर इंडिया की बागडोर संभाल रहे थे। उद्योग जगत में टेवोल्डे गेब्रेमारियम को एक बेहद सफल और कुशल अधिकारी के तौर पर पहचाना जाता है।
टेवोल्डे गेब्रेमारियम का अनुभव और उपलब्धियां
टेवोल्डे गेब्रेमारियम की पहचान वैश्विक विमानन उद्योग के सबसे अनुभवी लीडर्स में की जाती है। उनके करियर की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के सीईओ के रूप में 10 साल से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी हैं।
- उनके नेतृत्व काल में एक सामान्य रीजनल एयरलाइन ने अफ्रीका की सबसे बड़ी और सर्वाधिक लाभ कमाने वाली एयरलाइन का मुकाम हासिल किया।
- उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी का कुल राजस्व चार गुना तक बढ़ गया था।
- इतना ही नहीं, इस अवधि में कंपनी का फ्लीट साइज यानी विमानों की संख्या लगभग तीन गुना तक बढ़ गई थी।
टाटा संस के चेयरमैन की राय
एयर इंडिया में इस बड़े बदलाव पर टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कैंपबेल विल्सन के मार्गदर्शन में एयरलाइन ने एकीकरण, स्थलीकरण और बेड़े से जुड़ी शुरुआती चुनौतियों को बखूबी पूरा किया है। अब एयर इंडिया एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जो विस्तार और निष्पादन का दौर है। एन. चंद्रशेखरन ने विश्वास जताते हुए कहा कि टेवोल्डे गेब्रेमारियम का ट्रैक रिकॉर्ड यह साबित करता है कि वे एक कुशल और मुनाफे वाली एयरलाइन बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने आगे कहा कि गेब्रेमारियम की परिचालन विशेषज्ञता, सुरक्षा मानकों के प्रति उनकी दृढ़ता और हब विकास का उनका दृष्टिकोण एयर इंडिया को एक वैश्विक स्तर की एयरलाइन के रूप में पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
नए सीईओ का दृष्टिकोण
अपनी नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर टेवोल्डे गेब्रेमारियम काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के पास एक समृद्ध विरासत है और भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने वाली विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाना उनके लिए एक रोमांचक अवसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे चेयरमैन चंद्रशेखरन, बोर्ड के सदस्यों और पूरी टीम के साथ मिलकर भारतीय आतिथ्य सत्कार और परिचालन विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे।
एयर इंडिया का गौरवशाली इतिहास
एयर इंडिया भारत की सबसे पुरानी विमानन कंपनियों में से एक है। इसकी शुरुआत साल 1932 में जे.आर.डी. टाटा ने 'टाटा एयरलाइंस' के रूप में की थी। आगे चलकर साल 1946 में इसे 'एयर इंडिया' का नाम दिया गया। वर्ष 1953 में तत्कालीन सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया था। करीब सात दशक बाद, जनवरी 2022 में यह एयरलाइन वापस टाटा समूह के अधिकार क्षेत्र में आ गई। टाटा के प्रबंधन में आने के बाद से ही एयर इंडिया तेजी से आधुनिकीकरण की राह पर चल रही है। कंपनी ने यात्री सुविधाओं को बढ़ाने और अपने बेड़े के विस्तार के लिए दुनियाभर की प्रमुख कंपनियों को सैकड़ों नए विमानों का ऑर्डर भी दिया है।
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