पश्चिम बंगाल
3 घंटे पहले
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सुरक्षा को लेकर CM शुभेंदु अधिकारी का स्पष्टीकरण
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हाल ही में हुए हमले के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मोर्चा संभालते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी को मिलने वाली Z+ श्रेणी की सुरक्षा को बिल्कुल भी वापस नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि घटना के समय मौके पर सुरक्षा निदेशक और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तैनात थे और सुरक्षा व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस ने अपना कर्तव्य पूरी तरह से निभाया है।
पुलिस की भूमिका पर बोले मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटनाक्रम पर आगे जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं सुरक्षा अधिकारियों से इस संबंध में पूछताछ की थी कि क्या उनके और ममता बनर्जी के बीच किसी प्रकार का संवाद हुआ था, जिस पर अधिकारियों ने किसी भी बातचीत से साफ इनकार किया है। उन्होंने टीवी पर दिखाए गए दृश्यों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मौके पर एक वरिष्ठ पुलिस उपायुक्त की अगुवाई में सुरक्षा बल पूरी तरह सहयोग कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उस स्थान पर भारतीय जनता पार्टी का न तो कोई बड़ा नेता नजर आया और न ही वहां पार्टी का कोई झंडा दिखाई दिया। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के वहां पहुंचने के तौर-तरीकों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस इंतजाम और निजी हस्तक्षेप का मुद्दा
शुभेंदु अधिकारी का मानना है कि यदि कोई परिवार किसी नेता को अपने घर के भीतर नहीं आने देना चाहता, तो वहां जबरदस्ती घुसने की कोशिश कतई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या परिवार स्पष्ट रूप से मदद के लिए बुलाता है, तो सहायता करना जरूर चाहिए। हालांकि, बिना बुलाए किसी स्थान पर पहुंचना, खासकर तब जब वहां विकास के कार्य चल रहे हों, उचित व्यवहार नहीं माना जा सकता।
अधिकारी ने पुलिस प्रशासन के बचाव में कहा कि वहां व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। उन्होंने सम्मानपूर्वक कहा कि ममता बनर्जी 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर रही हैं और वह उम्रदराज हैं, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान और सुरक्षा मिलनी ही चाहिए। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम नहीं हुआ है।
क्या था ममता बनर्जी का आरोप
गौरतलब है कि रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के स्वर्गीय कार्यकर्ता बिरजू केवट के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करने जा रही थीं, तभी उन्हें बड़े विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को घेर लिया और चोर-चोर के नारे लगाए। ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गाड़ी पर कीचड़, जूते और पत्थर बरसाए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके दौरे की जानकारी पहले से होने के बावजूद सुरक्षा के इंतजाम बेहद लचर थे। बनर्जी के मुताबिक, उनकी कार पर ईंट के टुकड़े फेंके गए, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों का बचाव कर रही है और इस घटना की वह प्राथमिकी दर्ज कराएंगी। उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए गुंडों का इस्तेमाल करने का सीधा इल्जाम लगाया है।
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