व्यापार
2 घंटे पहले
6
विचारों
शिक्षा से ज्यादा काम पर दिया ध्यान
अक्सर कहा जाता है कि सफलता के लिए पारंपरिक शिक्षा की डिग्री ही सब कुछ नहीं होती है। इस बात को अमित मजीठिया ने अपने जीवन से साबित कर दिखाया है। अमित मजीठिया आज ताशन क्लब चेन और ताशन बॉली स्टूडियो जैसे बड़े ब्रांड के फाउंडर के रूप में पहचाने जाते हैं। उनकी कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने अपनी पढ़ाई 9वीं कक्षा में ही छोड़ दी थी। जिस उम्र में बच्चे किताबी दुनिया में उलझे होते हैं, उस समय अमित ने कारोबार की चुनौतियों को स्वीकार किया। महज 13 साल की उम्र में जब उन्होंने पढ़ाई से किनारा किया, तो उस समय उन्हें परिवार और समाज के लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपना पूरा ध्यान मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने में लगा दिया।
विशाल बिजनेस साम्राज्य की नींव
आज अमित मजीठिया का कारोबार 2,000 करोड़ रुपये से भी अधिक का हो चुका है। उन्होंने मनोरंजन, डिजिटल मीडिया, टेक्नोलॉजी और हॉस्पिटैलिटी जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। उनके द्वारा स्थापित ताशन क्लब चेन हॉस्पिटैलिटी और मनोरंजन का एक बेहतरीन संगम मानी जाती है। इसके अलावा, ताशन बॉली स्टूडियो के जरिए वे संगीत और मनोरंजन उद्योग में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, डिजिटल कंटेंट की दुनिया में भी उनका बड़ा प्रभाव है। वे वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म CBTFmytube.com के माध्यम से डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, जहां इंस्टाग्राम पर उनके करीब 3.1 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। क्रिकेट और डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में उन्हें काफी विशेषज्ञता हासिल है और वे एक क्रिकेट विश्लेषक के रूप में भी जाने जाते हैं।
सामाजिक सरोकार और परोपकार की राह
अमित मजीठिया केवल मुनाफे और बिजनेस तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं। उनके द्वारा संचालित CBTF फाउंडेशन के माध्यम से वे कई नेक काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने असम में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद करने का बीड़ा उठाया है। उनका मुख्य लक्ष्य उन 124 परिवारों को फिर से बसाना है जिन्होंने बाढ़ में अपना सब कुछ खो दिया था। उन्होंने एक बाढ़ प्रभावित गांव को गोद लिया है और वहां विकास कार्य तेज कर दिए हैं।
असम के लिए 1.66 करोड़ रुपये की मदद
इस बड़े सामाजिक प्रोजेक्ट के लिए अमित ने लगभग 20 लोगों के साथ मिलकर 1.66 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित की है। उनका संकल्प है कि अगले 90 दिनों के भीतर इन 124 मकानों का निर्माण पूरा कर लिया जाए। अमित का मानना है कि यदि ईश्वर ने हमें पर्याप्त संसाधन दिए हैं, तो हमें निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए। मकान के निर्माण के साथ-साथ, वह प्रभावित परिवारों को उनके दैनिक जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं।
सुविधाओं से लैस होगा नया आशियाना
अमित मजीठिया की टीम बाढ़ प्रभावित परिवारों को केवल मकान की चाबी नहीं सौंपेगी, बल्कि उन्हें रहने योग्य हर छोटी-बड़ी चीज भी प्रदान की जाएगी। इन घरों में निम्नलिखित सामग्रियां और सुविधाएं दी जाएंगी:
- घरेलू फर्नीचर जैसे बेड और गद्दे
- खाना पकाने के लिए चूल्हे और प्रेशर कुकर
- बिजली की आवश्यक वस्तुएं जैसे एलईडी लाइट और सीलिंग फैन
- डाइनिंग टेबल, कुर्सियां और क्रॉकरी का सामान
- स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर प्यूरीफायर
- बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल बैग, साइकिल और अन्य शैक्षणिक सामग्री
अमित का यह प्रयास उन परिवारों के लिए एक नई शुरुआत है जो बाढ़ के कारण अपना आशियाना खो चुके थे। 9वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने से लेकर 2000 करोड़ के बिजनेस साम्राज्य और अब समाज सेवा की दिशा में उनका यह सफर लाखों युवाओं के लिए एक उदाहरण है। उनकी यह पहल दर्शाती है कि सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत से न केवल अपना भविष्य संवारा जा सकता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों के जीवन में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
Comments
0 comment