ससुर से सीखी सिलाई ने बदली भाग्यश्री की किस्मत, विदेशों तक पहुंची डिजाइनर कपड़ों की मांग व्यापार एक महीने पहले 39
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की भाग्यश्री भावसार ने अपने ससुर से सिलाई का हुनर सीखकर उसे एक बड़े व्यवसाय में बदल दिया है, जिससे अब वह घर बैठे ही विदेशों से ऑर्डर प्राप्त कर रही हैं।

सिलाई के हुनर से बदली पहचान

मध्य प्रदेश के Burhanpur जिले की रहने वाली Bhagyashree Bhavsar ने साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत से किसी भी काम को सफल बनाया जा सकता है। एक साधारण गृहणी के तौर पर अपनी पहचान रखने वाली Bhagyashree Bhavsar आज एक सफल उद्यमी बन चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनके ससुर का मार्गदर्शन मुख्य रहा है, जिन्होंने उनमें छिपे हुनर को पहचाना और उन्हें सिलाई-कढ़ाई की बारीकियां सिखाईं।

ससुर ने सिखाया काम

विवाह के समय Bhagyashree Bhavsar को सिलाई का कोई अनुभव नहीं था। उनके ससुर, जो खुद कपड़े सिलने का काम करते थे, ने उन्हें डिजाइनर कुर्ती, ब्लाउज और अन्य परिधानों को तैयार करना सिखाया। ससुर से मिली इसी शिक्षा को उन्होंने अपना करियर बना लिया और आज वह न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

विदेशों तक फैली लोकप्रियता

Bhagyashree Bhavsar के बनाए डिजाइनर कपड़ों की मांग अब सात समंदर पार तक पहुंच गई है। उनके हुनर की चर्चा ऐसी है कि स्थानीय लोगों के अलावा विदेश में रहने वाले लोग भी उनसे कपड़े सिलवाना पसंद करते हैं। उनके काम की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्राहकों को अपने ऑर्डर के लिए दो-तीन महीने पहले बुकिंग करानी पड़ती है। उनके यहां सिलाई का शुल्क ₹330 से शुरू होकर ₹2000 तक होता है।

वार्षिक कमाई और भविष्य के लक्ष्य

  • Bhagyashree Bhavsar पिछले 6 साल से पेशेवर तौर पर सिलाई का काम कर रही हैं।
  • अपनी मेहनत के दम पर वह हर साल 1 से 2 लाख रुपये तक की कमाई कर लेती हैं।
  • वर्तमान में वह दो लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
  • उनका उद्देश्य भविष्य में अपने व्यापार को और अधिक विस्तार देना है ताकि वह और भी लोगों को काम दे सकें।
राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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