एमकॉम करने के बाद छोड़ी प्राइवेट नौकरी, अब खेती से कमा रहे लाखों रुपये व्यापार 2 महीने पहले 70
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक किसान ने उच्च शिक्षा के बाद पारंपरिक नौकरी छोड़ आधुनिक खेती को चुना है। आज वे मिक्स खेती के जरिए न केवल खुद अच्छी कमाई कर रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बने हुए हैं।

नौकरी छोड़कर खेती में आजमाया भाग्य

बुरहानपुर जिले के शाहपुर गांव के निवासी किशोर देशमुख की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए एक मिसाल है। एमकॉम जैसी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी, लेकिन उनका मन दफ्तर की चारदीवारी में नहीं लगा। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर खेती को अपना मुख्य व्यवसाय बनाने का साहसी फैसला लिया। आज वह 40 एकड़ जमीन पर खेती कर रहे हैं और कई अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

12 तरह की फसलों का कमाल

किशोर देशमुख पारंपरिक खेती के पैटर्न से हटकर मिक्स खेती यानी मिश्रित खेती मॉडल अपना रहे हैं। वे अपने खेतों में एक साथ करीब 12 तरह की फसलें उगाते हैं। उनकी फसलों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

  • केला और कपास
  • गन्ना और मक्का
  • चना, सोयाबीन और तुवर
  • विभिन्न प्रकार की सब्जियां जैसे भिंडी, लौकी, गिलकी, टमाटर, करेला, मिर्च, पालक, मेथी और धनिया

सालाना कमाई और रोजगार का जरिया

इस आधुनिक खेती मॉडल के दम पर वे हर साल 6 से 7 लाख रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। हालांकि, मौसम की मार या आंधी-बारिश की स्थिति में आय में थोड़ा उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन औसतन यह कमाई बनी रहती है। किशोर देशमुख के इस कार्य से उनके क्षेत्र के 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी मिल रहा है। उनका कहना है कि 30 साल से खेती से जुड़े रहने के बाद उन्हें यह विश्वास हुआ है कि सही योजना के साथ खेती करना काफी लाभकारी हो सकता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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