जम्मू-कश्मीर
3 महीने पहले
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छुट्टियों से पहले स्कूल की बड़ी लापरवाही आई सामने
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी मिडिल स्कूल के कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण सातवीं कक्षा का एक छात्र कई घंटों तक क्लासरूम के भीतर ही बंद रहा। यह घटना 4 जुलाई को रामबन जिले के बनिहाल जोन में स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूल, कड़वाह में हुई। दरअसल, यह दिन 15 दिन की गर्मियों की छुट्टियों से ठीक पहले स्कूल का आखिरी कामकाजी दिन था। स्कूल बंद होने के समय सातवीं कक्षा का एक छात्र क्लासरूम के अंदर ही सो गया था, जिस पर किसी भी शिक्षक या सहायक कर्मचारी की नजर नहीं पड़ी। इसके बाद पूरा स्टाफ स्कूल के कमरों और मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपने-अपने घर चला गया।
चार घंटे तक क्लास में अकेला रोता रहा छात्र
जब छात्र की नींद खुली, तो चारों तरफ अंधेरा था और क्लासरूम का दरवाजा बाहर से बंद था। खुद को पूरी तरह से अकेला और बंद पाकर बच्चा बुरी तरह घबरा गया। वह मदद के लिए लगातार चिल्लाता रहा और रोने लगा। बताया जा रहा है कि वह करीब चार घंटे तक क्लासरूम के भीतर ही फंसा रहा। रात के करीब आठ बजे जब स्कूल परिसर के पास से एक स्थानीय राहगीर गुजर रहा था, तो उसे बच्चे के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब उसने स्कूल के पास जाकर देखा, तो दंग रह गया। राहगीर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बच्चे को बाहर निकालने में मदद की और इस पूरी घटना का एक वीडियो भी बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने लिया कड़ा एक्शन, 9 कर्मचारी सस्पेंड
इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। रामबन के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ माना है। सीईओ द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत राजकीय माध्यमिक स्कूल, कड़वाह के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में स्कूल के हेडमास्टर समेत कुल नौ सदस्य शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूल में एक प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर), पांच अध्यापक और तीन सहायक कर्मचारी (सपोर्ट स्टाफ) तैनात हैं, और इन सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
नियम 31 के तहत हुई कार्रवाई, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस पूरे स्टाफ को जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1956 के नियम 31 के तहत निलंबित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि यह घटना छात्रों की सुरक्षा और देखरेख के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर कोताही को दर्शाती है। इस तरह की बड़ी चूक से बच्चे की जान और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए प्रशासन ने एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। इस जांच से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है जो घटना के हर पहलू की गहराई से जांच करेगी।
- समिति को उन परिस्थितियों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं जिनके कारण यह गंभीर लापरवाही हुई।
- जांच टीम को चूक के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सुझावों के साथ तीन दिनों के भीतर मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में सौंपनी होगी।
- निलंबित किए गए सभी नौ कर्मचारी अगले आदेश तक इसी स्कूल में तैनात रहेंगे और जांच प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और छुट्टी के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि स्कूल बंद करते समय कमरों की ठीक से जांच क्यों नहीं की गई। अगर राहगीर समय पर वहां से नहीं गुजरता, तो 15 दिनों की लंबी छुट्टियों के दौरान बच्चे के साथ कोई भी अनहोनी घट सकती थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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