होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का पूरा कब्जा, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मांगा युद्ध का हर्जाना विश्व एक घंटा पहले 3
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पूरी तरह से अमेरिकी नौसेना के नियंत्रण में है और उन्होंने ईरान से युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब पूरी तरह से अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। इस इलाके में अमेरिकी नाकेबंदी इतनी मजबूत है कि उन्होंने इसकी तुलना स्टील की दीवार से की है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस समुद्री मार्ग से वही जहाज गुजर पाएंगे जिन्हें अमेरिका अनुमति देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र पर अब अमेरिका का 100 प्रतिशत नियंत्रण है।

ईरान से मुआवजे की मांग

ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से ईरान के सामने मुआवजे का प्रस्ताव रखा है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब दोनों देशों के बीच समुद्री मार्ग के उपयोग और सुरक्षा को लेकर तनाव चरम पर है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार का ठोस समझौता नहीं हो पाया है। ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी और इसके विपरीत ईरान को पिछले सैन्य संघर्षों में अमेरिका को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।

मुआवजे पर ट्रंप का कड़ा रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में विस्तार से बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रतिनिधि पिछले पांच महीने की सैन्य लड़ाई के कारण हुए नुकसान के बदले मुआवजा मांग रहे हैं। ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी किसी भी बैठक में इस मुआवजे का कोई जिक्र नहीं था। उन्होंने आगे लिखा कि यह एक दिलचस्प विचार है और अब वह स्वयं ईरान से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, यह मुआवजा उन लोगों के लिए है जो ईरान द्वारा लगाए गए बमों और विभिन्न लड़ाइयों में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसकी शुरुआत जनरल सुलेमानी ने की थी। उन्होंने USS कोल पर हुए हमले में मारे गए लोगों और पिछले 50 वर्षों में ईरान द्वारा मारे गए लाखों निर्दोष प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पिछले पांच महीनों में मारे गए 52,000 लोगों का उल्लेख करते हुए अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि भविष्य की वार्ताओं में इस मांग को प्राथमिकता के साथ रखा जाए।

ईरान की शर्तें और होर्मुज का महत्व

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पुनः खोलने के बदले अमेरिका के सामने अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि अमेरिका अरबों डॉलर का भुगतान करे, नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटा ले और क्षेत्र से अपने सैनिकों को वापस बुला ले। गौर करने वाली बात यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में गिना जाता है। ईरान द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों की धमकी के कारण यहाँ समुद्री यातायात पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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