भारतीय शेयर बाजार में जारी है गिरावट का दौर, सेंसेक्स और निफ्टी 6 महीने के न्यूनतम स्तर के पास बाज़ार एक घंटा पहले 4
शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव कम नहीं हो रहा है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी अपने छह महीने के निचले स्तर के करीब आ गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और विदेशी निवेशकों की निकासी ने निवेशकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

बाजार में मंदी का गहरा असर

भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कारोबारी सप्ताह के दौरान लगातार बिकवाली के दबाव ने मुख्य सूचकांकों को हिला कर रख दिया है। मंगलवार को बाजार बंद होने तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक छह महीने के अपने निचले स्तर के अत्यंत करीब पहुंच गए हैं। इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और उसके चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल प्रमुख कारण है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों यानी FIIs की ओर से लगातार की जा रही बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। बैंकिंग, फाइनेंस और IT सेक्टर के दिग्गजों में देखी गई भारी बिकवाली ने निवेशकों की घबराहट को और अधिक बढ़ा दिया है।

बाजार के प्रमुख आंकड़े

मंगलवार के सत्र के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33% की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 64.05 अंक या 0.28% टूटकर 22,716.20 पर जा पहुंचा। बाजार का दायरा काफी व्यापक रहा और बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी चौतरफा दबाव दिखा, जहां निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.02% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.95% की गिरावट दर्ज की गई।

गिरावट को हवा देने वाले मुख्य कारक

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सुस्ती के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण जिम्मेदार हैं:

  • महंगा कच्चा तेल: वैश्विक बाजार में ब्रांड क्रूड 1.74% उछलकर 107.1 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डालने का संकेत है।
  • विदेशी पूंजी की निकासी: वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालना जारी रखा है, जिसका सीधा असर शेयरों की कीमतों पर पड़ रहा है।

शेयरों की चाल: कौन चढ़ा और कौन गिरा

निफ्टी पर आधारित क्लोजिंग आंकड़ों को देखें तो IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों ने सबसे ज्यादा निराश किया। गिरावट वाले शेयरों में टाइटन -3.00%, विप्रो -2.95%, एचसीएल टेक -2.44%, टेक महिंद्रा -2.06%, टीसीएस -1.85% और अल्ट्राटेक सीमेंट -1.78% शामिल रहे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज -1.30% और आईसीआईसीआई बैंक -0.75% पर बंद हुए। हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी भी देखी गई, जिनमें अडानी एंटरप्राइजेज +5.01%, अडानी पोर्ट्स +4.49%, डॉ. रेड्डीज +2.53%, सन फार्मा +1.47%, इंफोसिस +1.22% और कोटक बैंक +1.11% के साथ हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप