गुजरात: भावनगर में जहरीली शराब का तांडव, 5 लोगों की दर्दनाक मौत और 20 अस्पताल में भर्ती गुजरात एक घंटा पहले 5
भावनगर के खरकड़ी गांव में मिलावटी शराब पीने से 5 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 20 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

भावनगर में नकली शराब का कहर

गुजरात के भावनगर जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। भावनगर के घोघा तालुका स्थित खरकड़ी गांव में जहरीली शराब पीने की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

जांच के लिए टीमों का गठन

घटना की गंभीरता को भांपते हुए उपमुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर स्टेट मॉनिटरिंग सेल यानी SMC की विशेष टीम ने भावनगर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL की टीम भी पहुंच चुकी है, जो सबूत इकट्ठा करने और जहरीली शराब के सैंपल की जांच में जुटी है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

कैसे तैयार हुई जानलेवा शराब

शुरुआती जांच और मिली जानकारी से पता चला है कि तस्करों ने मध्य प्रदेश के उज्जैन से लाई गई एक ब्रांड की करीब 230 शराब की बोतलों को अवैध धंधे का जरिया बनाया था। इस पूरे अपराध के मुख्य सूत्रधार गौतम सोलंकी, रईस और मुकेश बताए जा रहे हैं। इन तीनों ने मिलकर वरतेज के आंबलीवाड़ी इलाके में गौतम के ही घर पर इन बोतलों में देसी शराब की मिलावट की थी। मिलावट के बाद इस जहरीले मिश्रण को लोगों को बेच दिया गया।

पीड़ितों की स्थिति

इस मिलावटी शराब का सेवन करने से उपेंद्रसिंह गोहिल, कनकसिंह गोहिल और एक अन्य व्यक्ति समेत कुल 5 लोगों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। फिलहाल 20 लोग अभी भी उपचाराधीन हैं, जिनमें से 10 मरीजों को भावनगर के सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य 10 लोगों को आसपास के जिलों के अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, भर्ती मरीजों में से 3 लोगों की स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर, एसडीएम अक्षर व्यास और एसपी नितेश पांडेय तुरंत सर टी अस्पताल के ICU पहुंचे। अधिकारियों ने वहां भर्ती मरीजों का हाल जाना और परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए मुख्य आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से 130 से अधिक बोतलें जब्त की गई हैं। तीनों मुख्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल

गुजरात में पूर्ण शराबबंदी लागू है, बावजूद इसके घरों में नकली और मिलावटी शराब तैयार कर बेचे जाने की इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस त्रासदी से मृतकों के परिवारों में गहरा आक्रोश है। यह घटना दर्शाती है कि पूर्ण शराबबंदी के बावजूद राज्य में अवैध शराब का व्यापार किस कदर सक्रिय है, जिसे रोकने में पुलिस और प्रशासन को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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