हरियाणा में लड़कियों की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़, सोनीपत में गड्ढे से मिली किशोरी की लाश से खुला काला कारोबार हरियाणा 2 घंटे पहले 4
सोनीपत में एक किशोरी का शव मिलने के बाद पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। आरोपी महिला ने कबूला है कि वह और उसका पति किशोरी को असम से खरीदकर लाए थे।

मानव तस्करी के काले खेल का खुलासा

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने मानव तस्करी के संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। सोनीपत के मलिकपुर गांव में तालाब के पास बने एक गड्ढे से किशोरी का शव बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि मृतका को असम से लाया गया था और उसे एक गहरे षड्यंत्र के तहत बेचा जा रहा था।

क्या था पूरा मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जुलाई को हुई थी, जब मलिकपुर गांव में पंचायत की जमीन पर स्थित तालाब के समीप बने एक गड्ढे से किशोरी का शव मिला था। बताया जाता है कि वहां घूम रहे आवारा कुत्तों द्वारा मिट्टी खोदे जाने के कारण शव का कुछ हिस्सा बाहर आ गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मुरथल थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, शव करीब तीन से चार दिन पुराना था और मृतका की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच आंकी गई थी।

असम से खरीदकर लाई गई थी किशोरी

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी महिला जयंती ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जयंती मूल रूप से असम की रहने वाली है और वर्तमान में गांव गोरड़ में रह रही थी। उसने पुलिस को बताया कि वह और उसका पति ओमप्रकाश करीब तीन से चार साल पहले किशोरी को असम से खरीदकर हरियाणा लाए थे। उस समय पीड़िता की उम्र महज 12 वर्ष के आसपास रही होगी। यह महिला लोगों के सामने कभी उसे अपनी भांजी तो कभी भतीजी बताकर पेश करती थी ताकि किसी को उन पर शक न हो।

बीमारी से मौत का दावा, पुलिस को संदेह

आरोपी महिला ने पुलिस के सामने यह बयान दिया है कि कुछ दिन पहले किशोरी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मृत्यु हो गई। महिला का कहना है कि मौत के बाद वे लोग डर गए थे, जिसके कारण उन्होंने रात के अंधेरे में शव को मलिकपुर के पास एक गड्ढे में दबा दिया और वहां से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि महिला के बयानों की अभी गहनता से जांच की जा रही है और मौत के पीछे किसी अन्य आपराधिक एंगल से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

पति ओमप्रकाश की तलाश तेज

इस पूरे मानव तस्करी रैकेट में मुख्य आरोपी का पति ओमप्रकाश भी शामिल है, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। मुरथल थाना प्रभारी राजीव कुंडु ने बताया कि ओमप्रकाश का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह साल 2018 में खरखोदा थाने में दर्ज मानव तस्करी के एक मामले में पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी का इंतजार कर रही है ताकि यह पता चल सके कि किशोरी को असम से किस कीमत पर खरीदा गया था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

विसरा रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच हत्या के दृष्टिकोण से भी कर रही है। महिला के दावों पर पूरी तरह यकीन नहीं किया जा सकता, इसलिए पुलिस ने पीड़िता के विसरा को जांच के लिए भेज दिया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही किशोरी की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। जैसे ही ओमप्रकाश की गिरफ्तारी होगी, इस पूरे मामले से जुड़ी कई और परतें खुलने की उम्मीद है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि इस दंपत्ति ने और कितनी मासूम लड़कियों को पैसे का लालच देकर तस्करी के जाल में फंसाया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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