मानसून में किसी स्वर्ग सरीखा हो जाता है माउंट आबू, देश के टॉप-15 ठिकानों में बनाई जगह राजस्थान एक महीने पहले 18
वर्ष 2026 के देश के टॉप-15 मानसून पर्यटन स्थलों की सूची में राजस्थान के माउंट आबू को 12वां स्थान मिला है। बारिश के मौसम में यहां के झरने, नक्की झील, गुरु शिखर और हरी-भरी अरावली की वादियां सैलानियों को खासा लुभाती हैं।

मानसून के नजदीक आते ही प्रमुख ट्रैवल पोर्टल ‘टिकट्स टू ट्रिप’ ने वर्ष 2026 के लिए देश के टॉप-15 मानसून पर्यटन स्थलों की सूची सामने रखी है। इस फेहरिस्त में राजस्थान के दो शहरों—माउंट आबू और उदयपुर—को शामिल किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की इस रैंकिंग में हिल स्टेशन माउंट आबू को 12वें नंबर पर रखा गया है।

प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू मानसून के दौरान घूमने के लिहाज से सबसे बेहतर ठिकाना माना जाता है। यहां के कई व्यू पॉइंट और पर्यटन स्थल इस मौसम के लिए सर्वश्रेष्ठ गिने जाते हैं, क्योंकि बारिश के बाद अरावली पर्वतमाला की वादियां और भी सुहावनी हो उठती हैं। कल-कल बहते झरने और हरियाली की चादर ओढ़े पहाड़ियां पर्यटकों को खूब भाती हैं। इस सूची में शामिल होने से शहर के होटल कारोबारियों और स्थानीय लोगों को अच्छी संख्या में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद जगी है।

माउंट आबू में ये जगहें हैं खास

माउंट आबू में मानसून के दौरान घूमने लायक स्थानों की जानकारी ट्रैवल गाइड चिंटू यादव ने दी। उनका कहना है कि यहां आने का सबसे अच्छा समय बारिश का मौसम ही होता है, जब जगह-जगह झरने और मनमोहक नजारे देखने को मिलते हैं। नक्की झील के आसपास के पहाड़ी रास्ते और प्राकृतिक झरने इस मौसम में आने वाले पर्यटकों को बेहद पसंद आते हैं।

यहां राजस्थान और अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी गुरुशिखर के साथ ही अचलगढ़, गोमुख और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र में भी कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं।

सेंचुरी क्षेत्र में गाइड का साथ जरूरी

वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र में घूमने के लिए वन विभाग से अनुमति लेना और प्रशिक्षित गाइड का साथ होना आवश्यक है, क्योंकि वही अलग-अलग पॉइंट तक पहुंचने का सही रास्ता और तरीका बता सकता है। गाइड के बिना जंगल में जाने पर रास्ता भटकने का खतरा बना रहता है।

यहां के प्रमुख व्यू पॉइंट में टेबल रॉक, टॉड रॉक और गोल्डन हॉर्न जैसे कई दर्शनीय स्थल शामिल हैं, जहां से बादल नीचे और पर्यटक खुद ऊपर नजर आते हैं।

बारिश में घूमते समय बरतें ये सावधानियां

बरसात के दौरान यहां आने पर कुछ एहतियात बरतना भी जरूरी है। ट्रेकिंग के समय ट्रेकिंग शूज सहित अन्य उपकरण साथ रखने चाहिए। साथ ही अनजान झरनों में नहाने से बचना चाहिए, क्योंकि पहाड़ों से अचानक पानी का बहाव तेज होने का खतरा बना रहता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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