सीकर: गर्मी में गहराया जल संकट, इलाके के लोग बोले—'पीने का पानी तक मुश्किल से नसीब हो रहा' राजस्थान एक घंटा पहले 2
सीकर के जगमालपुरा रोड स्थित वार्ड नंबर 64 में 5000 से ज्यादा घरों को सिर्फ एक ट्यूबवेल से पानी मिल रहा है, जबकि दो अन्य ट्यूबवेल लंबे समय से खराब पड़े हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

सीकर शहर में पानी की किल्लत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है और इसी वजह से जगह-जगह विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं। शहर के जगमालपुरा रोड क्षेत्र में हालात खासे गंभीर हैं, जहां वार्ड नंबर 64 के 5000 से अधिक घरों को महज एक ट्यूबवेल के सहारे जलापूर्ति की जा रही है। क्षेत्र के दो अन्य ट्यूबवेल लंबे अरसे से खराब पड़े हैं, जिसके चलते आपूर्ति का पूरा बोझ एक ही ट्यूबवेल पर आ गया है।

एक ट्यूबवेल पर हजारों घरों का दारोमदार

स्थानीय निवासी संतोष कुंवर खटीक ने बताया कि इस रोड पर कुल तीन ट्यूबवेल हैं, जिनमें से दो खराब पड़े हुए हैं। एक ही ट्यूबवेल से आसपास के पूरे इलाके में पानी पहुंचाने की कोशिश की जाती है, जिसके कारण ऊंचाई वाले हिस्सों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। उन्होंने बताया कि नगर परिषद को कई बार जानकारी देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनके मुताबिक गर्मी के दिनों में समस्या इस कदर विकराल हो जाती है कि पीने का पानी तक मुश्किल से मिल पाता है।

वार्ड नंबर 64 के बिरजू संभरिया का कहना है कि 5000 घरों में सिर्फ एक ट्यूबवेल के भरोसे नियमित जलापूर्ति किसी भी तरह संभव नहीं है। गर्मी के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं और कई परिवारों को पानी के लिए जूझना पड़ता है।

आधे घरों तक भी नहीं पहुंच रहा पानी

बिरजू संभरिया ने आगे बताया कि एक ही ट्यूबवेल से प्याऊ क्षेत्र में पानी भेजा जाता है, जिससे 5 हजार घरों में से केवल 2 हजार घरों तक ही पानी पहुंच पाता है, जबकि शेष 3 हजार घर प्यासे रह जाते हैं। उनका कहना है कि एक ट्यूबवेल इतने सारे घरों की जरूरत पूरी नहीं कर सकता, इसलिए खराब पड़े ट्यूबवेलों को ठीक कराकर अलग-अलग इलाकों में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, तभी इस समस्या का स्थायी हल निकल सकेगा।

मजदूरी करने वाले लोगों पर टैंकर का बोझ

जगमालपुरा रोड के निवासी मुकेश पंवार ने बताया कि पानी की यह दिक्कत पिछले एक से दो साल से बनी हुई है। इस बारे में स्थानीय विधायक और नगर परिषद दोनों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि हजारों घरों में पानी की किल्लत है, फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा।

मुकेश पंवार ने बताया कि इस क्षेत्र में ज्यादातर लोग मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं और मजबूरी में घर खर्च के पैसों से टैंकर मंगवाना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि पानी की सप्लाई रात को 1 से 2 बजे के बीच की जाती है, जिसके चलते दिनभर काम करके लौटने के बाद भी लोगों को देर रात तक पानी का इंतजार करना पड़ता है।

आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग की है कि खराब पड़े दोनों ट्यूबवेलों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए या क्षेत्र में नया ट्यूबवेल लगाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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