मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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दिव्यांगता और बेबसी की तस्वीर
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बेहद भावुक करने वाला वीडियो सामने आया है। सेमरिया ग्राम पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बम्हनी ग्राम पंचायत की निवासी छोटकिया कोल ने सीधी की विधायक रीति पाठक के पैर पकड़ लिए। दोनों पैरों से दिव्यांग यह महिला अपनी समस्या सुनाने के लिए विधायक के चरणों में झुक गई, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है।
बैटरी चलित ट्राई साइकिल की मांग
महिला की मुख्य मांग एक बैटरी चलित ट्राई साइकिल हासिल करना है, ताकि वह आसानी से कहीं आ-जा सके। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विधायक रीति पाठक महिला के अचानक पैर छूने और पकड़ने से असहज हो जाती हैं। मौके पर मौजूद लोग महिला को शांत कराने की कोशिश करते दिखे। इस दौरान विधायक ने स्थानीय बघेली भाषा में महिला से बातचीत की और उसे सहायता का आश्वासन दिया।
प्रशासन का अपना तर्क
सोशल मीडिया पर वायरल इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने भी अपनी सफाई दी है। जनपद पंचायत सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दावा किया है कि महिला को सरकारी योजनाओं का लाभ पहले ही दिया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ही महिला को एक सामान्य ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, महिला की वर्तमान स्थिति यह है कि वह एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर है, जिसके कारण बैटरी वाली साइकिल की उसकी मांग पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उसे वाकई पर्याप्त सरकारी मदद मिली है।
व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि एक दिव्यांग महिला को अपनी बात रखने के लिए जनप्रतिनिधि के सामने इस हद तक लाचार क्यों होना पड़ा? क्या सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन वास्तव में उन लोगों तक सही तरीके से पहुँच रहा है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है? हालांकि उस समय मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और सीईओ समेत कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन यह घटना व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे और उनकी जरूरतों के बीच के अंतर को दर्शाती है।
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