मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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विचारों
मध्य प्रदेश सरकार की नई पहल
मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने राज्य के युवाओं, जिन्हें आज की भाषा में Gen Z कहा जाता है, उन्हें भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना का नाम भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना रखा गया है। इस पहल के तहत एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल होने वाले 102 मेधावी विद्यार्थियों को 1-1 लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इस योजना के ऐलान के बाद से ही राज्य की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
छात्रवृत्ति पर सियासत
इस योजना के सामने आने के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार सभी धर्मों के महापुरुषों के नाम पर छात्रवृत्ति योजनाएं लाती, तो उनका स्वागत किया जाता। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में भी मौलानाओं और धर्म गुरुओं के बलिदानों का इतिहास बहुत विशाल है, जिसका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी नहीं कर सकती।
भगवान श्रीकृष्ण और Gen Z का जुड़ाव
श्री कृष्णा पाथेय न्यास के CEO श्रीराम तिवारी ने इस योजना के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण दुनिया के सबसे बड़े Gen Z हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि जब श्रीकृष्ण की आयु मात्र 12 वर्ष थी, तब उन्होंने बड़े-बड़े और अद्भुत कार्य कर दिखाए थे। श्रीराम तिवारी के अनुसार, यदि हम आधुनिक Gen Z की शब्दावली में बात करें, तो मथुरा में रहते हुए उन्होंने जिस तरह से पूतना का वध किया, गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण किया, कालिया नाग का मर्दन किया और कंस जैसे अत्याचारी का अंत किया, वह सब उनके साहस को दर्शाता है।
श्रीराम तिवारी ने आगे कहा कि इन गतिविधियों को भगवान श्रीकृष्ण ने 11 वर्ष की उम्र तक संपन्न कर लिया था, जिसके बाद वे शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन आए। चूंकि Gen Z की शुरुआत 12 वर्ष से मानी जाती है, इसलिए उस उम्र तक वे 14 विद्याओं और 64 कलाओं में पूरी तरह निपुण हो चुके थे।
योजना की चयन प्रक्रिया
योजना के विवरण साझा करते हुए बताया गया कि 9वीं कक्षा से लेकर पीएचडी तक के अध्ययनरत विद्यार्थी इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे। चयन के लिए 500 प्रश्नों का एक क्वेश्चन बैंक तैयार किया जाएगा, जिसमें से छात्रों को 30 सवालों के सही उत्तर देने होंगे। कुल 102 बच्चों का चयन पारदर्शी तरीके से लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, जिसके लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा और छात्र पोर्टल पर ओटीपी के जरिए पंजीकरण कर सकेंगे।
सांस्कृतिक विरासत और विवाद
राज्य के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस योजना का समर्थन करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी और उन्हें सनातन दर्शन व अपनी संस्कृति से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन जीने की कला सिखाता है। सारंग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल को हमेशा संस्कृति से जुड़े कार्यों पर आपत्ति होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास को गलत ढंग से पेश किया है और राम मंदिर व रामसेतु के मुद्दे पर भी वे सवाल उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस ने अकबर का महिमामंडन किया, लेकिन सनातन परंपराओं के प्रति उनका नजरिया हमेशा नकारात्मक रहा है।
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