हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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ड्रोन स्कैम मामले में मंत्री का हस्तक्षेप
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में उपचाराधीन छात्र सर्वेश शर्मा से मुलाकात की। सर्वेश शर्मा पर सेना के नाम पर ड्रोन निर्माण के लिए करोड़ों की फंडिंग हासिल करने का फर्जी दावा करने का आरोप लगा है। मंत्री राजेश धर्माणी ने अस्पताल पहुंचकर छात्र का कुशलक्षेम पूछा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने इस पूरे मामले को एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी करार दिया और मामले की विस्तृत जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपने की मांग की है।
मामले की गंभीरता और साइबर अपराध का नया रूप
मंत्री राजेश धर्माणी का मानना है कि सर्वेश शर्मा से जुड़ा यह प्रकरण अत्यंत चिंताजनक है। आमतौर पर साइबर अपराधों में लोगों के साथ वित्तीय ठगी या आर्थिक धोखाधड़ी के मामले सामने आते हैं, लेकिन किसी छात्र के शैक्षणिक प्रोजेक्ट और तकनीकी कार्य के साथ इस तरह का जालसाजी का मामला जुड़ना बेहद गंभीर विषय है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, जिसके लिए सीबीआई की भूमिका अहम हो सकती है।
केंद्र सरकार से सुरक्षा रणनीति बनाने की अपील
राजेश धर्माणी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि साइबर अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए इसे गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक ऐसी ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक परियोजनाओं, बौद्धिक प्रयासों और तकनीकी कार्यों को सुरक्षित रखा जा सके। डिजिटल दौर में साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए केंद्र को साइबर सुरक्षा कानूनों और जांच के तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो भविष्य में अन्य छात्र भी ऐसी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बडू) के छात्र सर्वेश शर्मा ने 23 सितंबर 2026 को यह बड़ा दावा किया था कि उन्हें भारतीय सेना की तरफ से ड्रोन विकसित करने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की भारी-भरकम फंडिंग मिली है। हालांकि, करीब एक महीने बाद 27 अक्तूबर को भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इसे फर्जी करार दिया। उसी दिन, संदिग्ध परिस्थितियों में सर्वेश कॉलेज के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बडू) के इस छात्र का मामला अब राज्य की सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिस पर मंत्री ने अब सीबीआई जांच का रुख अख्तियार किया है।
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