हिमाचल प्रदेश
एक महीने पहले
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हादसे का विवरण और घटनास्थल
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में बुधवार की शाम एक दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई है। रामपुर बुशहर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले खोलीघाट के पास खराहण, टोलू घोटोला क्षेत्र में एचआरटीसी (HRTC) की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। यह दर्दनाक घटना शाम को करीब सात बजे के आसपास हुई। मिली जानकारी के अनुसार, बस रामपुर खोलीघाट मार्ग पर यात्रा कर रही थी, तभी अचानक चालक ने वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया और बस सड़क से लगभग 50 से 60 फीट नीचे खाई में लुढ़क गई। राहत की बात यह रही कि बस एक घर के शेड से टकराकर रुक गई, अन्यथा हताहतों की संख्या और अधिक हो सकती थी।
हताहतों की संख्या और पहचान
इस हादसे में कुल 24 यात्री सवार थे। जिला प्रशासन की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर ही 2 लोगों की मृत्यु हो गई। मरने वालों में एचआरटीसी के कंडक्टर जय प्रकाश नेगी शामिल हैं, जो घड़ोली गांव के निवासी थे। इसके अलावा, दूसरे मृतक की पहचान 72 वर्षीय डाकू राम के रूप में हुई है, जो शाहदू गांव के निवासी थे। हादसे में कुल 22 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। बस चालक को भी गंभीर चोटें आने की सूचना मिली है।
बचाव अभियान और तत्काल प्रतिक्रिया
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। आस-पास मौजूद स्थानीय लोग फौरन बचाव के लिए खाई में उतरे और घायलों को निकालने का काम शुरू किया। घटनास्थल से आई तस्वीरों में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए अपने निजी वाहनों से कुछ घायलों को खनेरी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस सेवा को भी तुरंत मौके पर तैनात कर दिया गया। रामपुर के एसडीएम हर्ष अमरेंद्र नेगी ने खनेरी अस्पताल पहुंचकर वहां चल रहे राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान में तेजी लाई।
प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस भीषण दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत विचलित करने वाली खबर बताते हुए कहा कि दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करना ही इस कठिन घड़ी में एकमात्र रास्ता है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार घायलों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से खनेरी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों से बात की है और निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। डॉक्टरों की एक विशेष टीम को 24 घंटे घायलों की निगरानी पर लगाया गया है।
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा
शिमला के डीसी अनुपम कश्यप ने घटना स्थल और अस्पताल की स्थिति की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिला राहत नियमों के तहत स्थानीय मृतक के परिजनों को फौरी तौर पर 20 हजार रुपये की राहत राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य मृतक के संबंध में औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही राहत राशि जारी की जाएगी। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार खनेरी अस्पताल में भर्ती यात्रियों के उपचार पर नजर बनाए हुए हैं ताकि उन्हें सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
घायलों का उपचार और निगरानी
महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी (रामपुर) में घायलों का इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन को सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने बताया कि वे स्वयं पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि दुर्घटना के शिकार हुए सभी यात्री जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट सकें। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुटी है, क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के अनियंत्रित होने का वास्तविक तकनीकी या मानवीय कारण क्या था। दुर्घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है और प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले, ऐसी कामना की जा रही है।
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