शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी पर क्या होगा? सरकार के मंत्री ने साफ कर दिया रुख विश्व एक महीने पहले 69
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के स्वदेश लौटने की चर्चाओं के बीच वहां की सरकार ने उन पर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना स्पष्ट कर दी है।

शेख हसीना की वापसी और कानूनी भविष्य

बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल होने के बाद से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि वे दोबारा बांग्लादेश की धरती पर कदम रखती हैं, तो वर्तमान प्रशासन उनके साथ कैसा व्यवहार करेगा। इस सवाल पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट जवाब दिया गया है। सरकार के एक मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि हसीना के वापस आते ही उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।

क्या बोले बांग्लादेशी मंत्री?

इस मुद्दे पर तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने अपना बयान दर्ज कराया है। शमा ओबैद ने स्पष्ट किया कि यदि शेख हसीना वापस लौटती हैं और आत्मसमर्पण करती हैं, तो देश का मौजूदा कानून पूरी सख्ती से लागू होगा। मंत्री के अनुसार, कानून अपना काम करेगा और हसीना को जेल की हवा खानी पड़ेगी। सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हर हाल में किया जाएगा और किसी भी स्थिति में विशेष रियायत की गुंजाइश नहीं है।

भारत में ली थी शरण

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए भीषण छात्र आंदोलन और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को अपना पद छोड़ना पड़ा था। उस अस्थिर और तनावपूर्ण माहौल के बीच वे ढाका से निकलकर भारत पहुंच गई थीं। तब से लेकर अब तक वे भारत में ही प्रवास कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने हाल ही में यह संकेत देकर सबको चौंका दिया है कि वे जल्द ही वापस लौटने का इरादा रखती हैं।

वापसी का ऐलान और हसीना का भावुक बयान

शेख हसीना ने पिछले ही हफ्ते अपनी वापसी को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अवामी लीग के उन नेताओं के साथ स्वदेश लौटने की योजना साझा की है, जो फिलहाल निर्वासित जीवन जी रहे हैं। हसीना के अनुसार, वे इस साल दिसंबर के आसपास वापस जाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने अपनी संभावित गिरफ्तारी और जान के खतरे को लेकर कहा, यदि मुझे गिरफ्तार किया जाता है या मेरी जान भी ली जाती है, तो भी मुझे अपनी मातृभूमि जाना ही होगा। उन्होंने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भारी दमन किया जा रहा है। वे चाहती हैं कि यदि मौत उनके करीब है, तो वह उनकी अपनी मिट्टी पर आए, जहां उनके माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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