बेमौसम बारिश और महंगाई की मार, एसी की बिक्री में आई भारी गिरावट व्यापार एक घंटा पहले 2
जून में हुई बारिश और आंधी की वजह से एयर कंडीशनर की मांग कम रही है, जबकि ठंडे पेय पदार्थों और डेयरी उत्पादों की बिक्री में तेजी देखी गई है।

एसी बाजार में सुस्ती के पीछे के कारण

इस बार का गर्मी का मौसम एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनियों के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। देश के कई हिस्सों में जून के महीने में हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और शाम के समय तापमान में आई गिरावट के चलते एसी की मांग में भारी कमी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि लोग अब एसी के बजाय कम खर्चीले विकल्पों जैसे पंखे और कूलर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इसके अलावा, पिछले कुछ समय में आई महंगाई ने भी आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाला है, जिसके चलते लोग महंगे उपकरणों की खरीदारी को टाल रहे हैं। हालांकि, देश के कुछ इलाकों में अभी भी भीषण गर्मी का दौर जारी है, लेकिन बाजार की कुल बिक्री पर मौसम की मार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की बिक्री में मजबूती

गोदरेज एंटरप्राइजेज के बिजनेस हेड और ईवीपी कमल नंदी ने बाजार की स्थिति पर अपनी राय रखते हुए बताया कि ठंडक देने वाले उपकरणों के क्षेत्र में मांग का रुझान मिला-जुला है। एक तरफ जहां एसी की बिक्री गिरी है, वहीं दूसरी तरफ रेफ्रिजरेटर की मांग प्रीमियम और सामान्य दोनों श्रेणियों में स्थिर बनी हुई है। जैसे-जैसे मानसून ने देश में दस्तक दी है, वॉशिंग मशीन की बिक्री में भी इजाफा देखा जा रहा है। कमल नंदी के मुताबिक, पूरे भारत, विशेषकर उत्तर भारत में एसी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिसका प्रमुख कारण मौसम का अनिश्चित व्यवहार है।

महंगाई ने बदली उपभोक्ताओं की पसंद

एसी की बिक्री कम होने के पीछे सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि बढ़ती कीमतें भी एक बड़ी वजह हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में एसी के दाम में करीब 18 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि के कारण उपभोक्ता अपनी प्राथमिकताओं को बदल रहे हैं और एयर कूलर व पंखों जैसे सस्ते विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

उद्योग के प्रदर्शन पर एक नजर

एक बड़ी एसी निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जून का महीना कारोबार के लिहाज से काफी कमजोर साबित हुआ है। हालांकि, अगर इस साल की अब तक की स्थिति देखें, तो उद्योग के कारोबार मूल्य में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण प्रीमियम सेगमेंट के उत्पादों की बढ़ती मांग और बढ़ती हुई कीमतें हैं।

कोल्ड ड्रिंक्स और डेयरी उत्पादों की धूम

एसी के बाजार में मंदी के बीच ठंडे पेय पदार्थों और डेयरी उत्पादों की बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। कोका-कोला भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया के उपाध्यक्ष अभिषेक गुप्ता ने जानकारी दी कि गर्मी के पूरे सीजन में कंपनी के उत्पादों की मांग काफी मजबूत बनी हुई है। विशेष रूप से छोटे पैक, क्विक कॉमर्स और चलते-फिरते उपभोग के चलन ने बिक्री को नई रफ्तार दी है। इसी तरह, मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने बताया कि जून तिमाही के दौरान उनकी कंपनी ने ताजा डेयरी उत्पादों और आइसक्रीम की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। दही, आइसक्रीम और अन्य मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों की भारी मांग ने इस बढ़त में अहम योगदान दिया है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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