जीआईसी में सरकारी हिस्‍सेदारी की बिक्री शुरू होते ही शेयर 6 फीसदी से ज्‍यादा लुढ़के, निवेशकों को 10 फीसदी की छूट व्यापार 4 दिन पहले 13
सरकार ने जनरल इंश्‍योरेंस कॉरपोरेशन में 5 फीसदी तक हिस्‍सेदारी बेचने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू की, जिसके साथ ही कंपनी का शेयर 6.37 फीसदी तक टूट गया। निवेशकों को 10 फीसदी डिस्‍काउंट पर शेयर खरीदने का मौका दिया जा रहा है।

सरकार ने जनरल इंश्‍योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) में अपनी 5 फीसदी तक हिस्‍सेदारी बेचने की प्रक्रिया मंगलवार को आरंभ कर दी। इस कदम का मकसद सरकारी खजाने के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये जुटाना है। जैसे ही खुली बिक्री पेशकश के जरिये कंपनी के स्‍टॉक्‍स बाजार में उतारे गए, उनमें तेज गिरावट दर्ज की जाने लगी।

शेयर में कितनी गिरावट

हिस्‍सेदारी बिक्री की खबर के साथ ही निवेशकों ने भी बिकवाली शुरू कर दी और देखते ही देखते शेयर 6.37 फीसदी तक टूट गया। सरकार ने कंपनी के शेयर 10 फीसदी डिस्‍काउंट पर बिक्री के लिए पेश किए थे, यानी 387 रुपये के बाजार मूल्‍य से करीब 35 रुपये कम कीमत पर इन्‍हें उतारा गया।

मंगलवार को जब जीआईसी के शेयरों में कारोबार शुरू हुआ तो निवेशकों के लिए इसका भाव 352 रुपये रखा गया। हालांकि सरकारी हिस्‍सेदारी बेचे जाने का असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर भी पड़ा और थोड़ी ही देर में गिरावट साफ नजर आने लगी। दोपहर 12 बजे तक कंपनी के स्‍टॉक्‍स 6.37 फीसदी फिसलकर 362.60 रुपये के स्‍तर पर आ गए।

खुदरा निवेशकों को कब मिलेगा मौका

सरकार ने दो दिन की बिक्री पेशकश (ओएफएस) के तहत मंगलवार को संस्थागत निवेशकों के लिए कारोबार शुरू किया है, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए यह बुधवार को खुलेगी। इस बिक्री के जरिये सरकार 352 रुपये प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर 8.77 करोड़ से ज्‍यादा शेयर बेच रही है, जिससे सरकारी खजाने को करीब 3,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। हालांकि, बुधवार को जब तक खुदरा निवेशकों को पैसा लगाने का अवसर मिलेगा, तब तक कंपनी के स्‍टॉक्‍स में और गिरावट देखी जा सकती है।

कितनी हिस्‍सेदारी बेचेगी सरकार

सरकार ने जीआईसी में 2 फीसदी इक्विटी बेचने की तैयारी की है। इसके साथ ही ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त तीन फीसदी हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणिश चावला के अनुसार, इस ऐलान से पहले सोमवार को बीएसई पर जीआईसी का शेयर 2.55 फीसदी चढ़कर 388.35 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन मंगलवार को बिक्री शुरू होते ही इसमें गिरावट दिखने लगी।

उल्‍लेखनीय है कि सरकार चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में हिस्सेदारी बेचकर पहले ही 13,389 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

कैसा रहा है कंपनी का प्रदर्शन

जीआईसी के शेयरों ने पिछले तीन साल में अच्‍छी बढ़त दिखाई है, लेकिन बीते एक साल का प्रदर्शन कमजोर रहा है। तीन वर्षों में कंपनी के शेयरों में 92.09 फीसदी का उछाल आया है। इसके उलट पिछले एक साल में इसमें 5.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है और सालाना आधार पर भी शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूटा है। खासकर बीते एक सप्‍ताह में इसकी कीमत 6 फीसदी से ज्‍यादा गिर चुकी है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!