हैदराबाद: 7 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से 2 की दर्दनाक मौत, कई घर क्षतिग्रस्त भारत 3 घंटे पहले 9
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई। प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

हैदराबाद में बड़ा हादसा

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक भीषण हादसा हुआ है, जहां गाचीबोवली इलाके के अंजय्या नगर में एक निर्माणाधीन 7 मंजिला इमारत अचानक गिर गई। इस हादसे में 2 लोगों की जान चली गई है, जबकि 2 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, मलबे के नीचे दबे शवों को खोजने के लिए 'विक्टिम लोकेशन सिस्टम' डिवाइस की मदद ली गई, जिसके बाद मलबे से 2 शव बरामद किए गए।

मलबे की चपेट में आए आसपास के मकान

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। निर्माणाधीन इमारत का मलबा आसपास बनी अन्य रिहायशी इमारतों पर भी जा गिरा, जिससे उन इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। हादसे में घायल हुए लोगों में से एक को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे और खतरे को देखते हुए आसपास की इमारतों में रहने वाले निवासियों को अपने घर खाली करने पर मजबूर होना पड़ा है।

नियमों की खुली धज्जियां

हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि यह इमारत लगभग 50-60 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर बनाई जा रही थी, जिसमें 7 मंजिलें और एक पेंटहाउस शामिल था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध था। इमारत न केवल एक नाले के पास बनाई जा रही थी, बल्कि इसमें निर्माण संबंधी जरूरी 'सेटबैक' नियमों का भी पालन नहीं किया गया था। इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक मजदूर बताए जा रहे हैं।

प्रशासन की कड़ी चेतावनी

कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ ने स्पष्ट किया है कि HYDRAA और साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अब नियमों को ताक पर रखकर बनी ऐसी इमारतों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि मालिक ऐसे ही कई अन्य निर्माण कार्यों में शामिल था, जिनका उपयोग आईटी कर्मचारियों के लिए कमर्शियल हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि विभाग मालिक की भूमिका की विस्तृत जांच करेगा और ऐसी खतरनाक संरचनाओं को जल्द से जल्द गिराया जाएगा।

वहीं, साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की कमिश्नर जी. श्रीजना ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस निर्माणाधीन इमारत को प्रशासन ने करीब 4 महीने पहले ही जब्त कर लिया था। हालांकि, निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने का दुस्साहस किया गया और शुक्रवार को ही यह दुर्घटना घट गई। प्रशासन अब इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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