INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस के नेतृत्व पर उठे सवाल, कई दलों ने जताई नाराजगी; जानिए बैठक में क्या-क्या हुआ भारत एक महीने पहले 42
दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में 25 विपक्षी दलों के नेता जुटे, जहां कई दलों ने मुद्दों को सही तरीके से न उठाने और क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल को लेकर कांग्रेस को घेरा।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार को इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें 25 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद रहे, जबकि सपा नेता अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए। बैठक के दौरान कई दलों ने अलग-अलग मुद्दों को ठीक ढंग से न उठाए जाने पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। विपक्षी नेताओं का कहना था कि कांग्रेस सबसे बड़ा दल है, इसलिए उसे क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

कई दलों ने कांग्रेस को घेरा

सूत्रों के अनुसार, वाम दलों के नेताओं ने बैठक में कहा कि उनकी निष्ठा पर सवाल नहीं खड़े किए जाने चाहिए। उन्होंने केरल चुनाव के दौरान लेफ्ट को बीजेपी की 'बी टीम' बताए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से बचा जाना चाहिए। वाम दलों ने अहम मुद्दों पर इंडिया ब्लॉक की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि महत्वपूर्ण मसलों पर गठबंधन ने आखिर क्या कार्रवाई की। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि राज्य इकाई ने जैसा सुझाव दिया, उन्होंने मुद्दे उसी तरह उठाए।

क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चलने की मांग

कुछ दलों ने कहा कि पिछली बैठक डीएमके के यहां हुई थी और इस तरह बीच में छोड़कर जाना उचित नहीं था। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और उसे क्षेत्रीय दलों के साथ सामंजस्य बनाना चाहिए, न कि इसके उलट काम करना चाहिए। यह बात केरल के संदर्भ में शुरू हुई चर्चा के दौरान ही जोड़ी गई। वहीं, हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता के आक्रोश को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उमर अब्दुल्ला ने भी इसी राय का समर्थन किया।

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से कहा कि अब उनके पास समय है, ऐसे में इंडिया गठबंधन चाहे तो उनकी सक्रिय भूमिका का इस्तेमाल कर सकता है। ममता ने यह सवाल भी उठाया कि भाजपा किस तरह दलों को तोड़ने में लगी है। बैठक में बेहतर तालमेल के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय समितियां बनाने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा वाम दलों के नेताओं ने कांग्रेस द्वारा केरल में बीजेपी और वाम दलों की तुलना किए जाने का मुद्दा बार-बार उठाया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि केरल इकाई ने उन्हें जो रुख अपनाने को कहा, उनकी पार्टी ने वही रुख अपनाया।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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