सयानी घोष की वायरल पोस्ट के सियासी मायने: बगावत, बीजेपी से नजदीकी और बेपरवाह अंदाज राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 4
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुईं सांसद सयानी घोष ने हालिया आलोचनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक बेबाक पोस्ट शेयर की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नाश्ते की मेज पर दिखने और एनडीए को समर्थन देने के बाद से वे लगातार सियासी घेरे में हैं।

सोशल मीडिया पर सयानी घोष का बेबाक अंदाज

पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान रखने वालीं जाधवपुर की सांसद और अभिनेत्री सयानी घोष इन दिनों भारी सियासी दबाव के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का हिस्सा बनने के बाद से ही सयानी को लगातार तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी गहमागहमी के बीच, सयानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने काले रंग की पारंपरिक साड़ी के साथ भारी चोकर हार और लाल बिंदी लगाई हुई है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा है, 'Too glam to give a damn'। उनके इस अंदाज और सोशल मीडिया पोस्ट को पश्चिम बंगाल की मौजूदा गरमाई हुई राजनीति में उनके कड़े रुख और बेपरवाह रवैये के तौर पर देखा जा रहा है।

TMC से बगावत और नई पार्टी का उदय

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने पार्टी से बगावत करते हुए अपना रास्ता अलग कर लिया। इन बागी सांसदों ने एकजुट होकर नई नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का गठन किया। इस पूरे घटनाक्रम में सयानी घोष बागी गुट का एक मुख्य चेहरा बनकर सामने आई हैं। दल-बदल विरोधी कानून की पेचीदगियों से बचने के लिए सांसदों की यह दो-तिहाई संख्या का गणित काफी महत्वपूर्ण रहा। पार्टी गठन के साथ ही NCPI ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ अपने गठबंधन और समर्थन का ऐलान कर दिया, जिसने राज्य की सियासत को नया मोड़ दे दिया है।

पीएम मोदी के साथ नाश्ते की चर्चा

हाल ही में दिल्ली में एक उच्च स्तरीय राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां एनडीए के सहयोगी दलों के साथ NCPI के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में शिरकत की। इस बैठक की जो तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, उनमें सयानी घोष की पहली पंक्ति में मौजूदगी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पीएम मोदी के साथ इस बैठक में शामिल होने और केंद्र सरकार के साथ अपना समर्थन स्पष्ट करने के बाद से तृणमूल समर्थकों और उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमलों की झड़ी लगा दी है।

जमीनी स्तर पर विरोध की तपिश

सयानी घोष को केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ममता बनर्जी का साथ छोड़ने के बाद से उनके निर्वाचन क्षेत्र जाधवपुर (गड़फा) में उनके खिलाफ गुस्सा साफ नजर आ रहा है। हाल ही में उनके संसदीय क्षेत्र में स्थित तृणमूल कार्यालय के बाहर ममता समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अब जब सयानी ने पाला बदलकर एनडीए का दामन थाम लिया है, तो उन्हें टीएमसी के पार्टी दफ्तरों का इस्तेमाल करने का कोई हक नहीं है।

पोस्ट के पीछे के राजनीतिक संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कठिन दौर में सयानी घोष का यह पोस्ट महज एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि इसके गहरे सियासी मायने हैं:

  • राजनीतिक विरोधियों को सीधा संदेश: उनके कैप्शन 'Too glam to give a damn' का साफ अर्थ है कि उन्हें ट्रोल्स, सियासी विरोधियों और अपने फैसलों पर सवाल उठाने वालों की तनिक भी परवाह नहीं है।
  • अटूट आत्मविश्वास का प्रदर्शन: तस्वीरों के माध्यम से सयानी यह दर्शा रही हैं कि टीएमसी छोड़ने और एनडीए के साथ जुड़ने का उनका फैसला पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया है और वे इससे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
  • साफ राजनीतिक लाइन: पारंपरिक बंगाली पहनावे के साथ ग्लैमर और बेपरवाह रवैये का संयोजन उनकी राजनीतिक स्पष्टता को दर्शाता है कि वे अपनी नई भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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