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एक घंटा पहले
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सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पावन समय माना जाता है। हर वर्ष श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से इस माह का शुभारंभ होता है। इस दौरान शिव भक्त पूरे महीने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। साथ ही माता गौरी की उपासना का भी विशेष महत्व रहता है।
सावन माह का महत्व
सावन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मास माना गया है, इसी कारण इस पूरे महीने शिवजी की पूजा और जलाभिषेक किया जाता है। इस अवधि में कांवड़ यात्रा भी निकाली जाती है, जिसमें श्रद्धालु गंगाजल लाकर शिवजी का अभिषेक करते हैं। सुख और समृद्धि की कामना के लिए रुद्राभिषेक का आयोजन भी इसी माह में किया जाता है।
सोमवार और मंगला गौरी व्रत
सावन के सोमवार का व्रत विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। वहीं प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने की परंपरा है। मान्यता है कि शिव और गौरी की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
2026 में सावन कब से शुरू होगा
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई दिन बुधवार को रात 08:05 पी एम से आरंभ हो रही है। यह तिथि 30 जुलाई दिन गुरुवार को रात 09:30 पी एम तक रहेगी।
उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, सावन माह का प्रारंभ 30 जुलाई गुरुवार से माना जाएगा। इसी दिन से शिव भक्त पूजा और व्रत के क्रम की शुरुआत कर सकेंगे।
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