चंद्र दोष से चाहिए मुक्ति? संकष्टी चतुर्थी पर अपनाएं ये प्रभावी उपाय, दूर होगी हर बाधा धर्म 2 महीने पहले 63
यदि आपके जीवन में मानसिक अशांति या चंद्र दोष जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, तो संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा आपके लिए बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। जानें इस दिन के शुभ मुहूर्त और बाधाओं को दूर करने वाले विशेष ज्योतिषीय उपाय।

संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना विशेष आध्यात्मिक स्थान है, लेकिन संकष्टी चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं, उनके जीवन के तमाम संकट और विघ्न समाप्त हो जाते हैं। यह दिन न केवल सुख-समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्र दोष और अन्य ग्रह बाधाओं को शांत करने के लिए भी बेहद प्रभावशाली है। उज्जैन के जाने-माने आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन का व्रत मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ जीवन में आने वाली बार-बार की रुकावटों से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होता है।

संकष्टी चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 3 जुलाई शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 20 मिनट से होगा। यह तिथि अगले दिन 4 जुलाई शनिवार को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगी। व्रत और पूजा की परंपरा के अनुसार उदयातिथि और चंद्रोदय के समय को देखते हुए संकष्टी चतुर्थी का मुख्य व्रत 3 जुलाई शुक्रवार को ही रखा जाएगा। वहीं, इस दिन चंद्रमा के उदय का समय रात 9 बजकर 53 मिनट निर्धारित है।

चंद्र दोष से मुक्ति का माध्यम

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से संकष्टी चतुर्थी का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इस दिन व्रत रखने से कुंडली में व्याप्त चंद्र दोष का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है। बहुत से लोग जीवन में मानसिक तनाव, अनिर्णय की स्थिति या बेवजह की परेशानियों का सामना करते हैं, जिसे ज्योतिष में चंद्र के कमजोर होने का संकेत माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की भक्ति करने से न केवल चंद्रमा की शुभ दृष्टि प्राप्त होती है, बल्कि गणेश जी की कृपा से भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए शास्त्रों में विशेष फलदायी बताया गया है।

बाधाओं को दूर करने के लिए करें ये विशेष उपाय

यदि आप अपने जीवन में समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन निम्नलिखित उपायों को अपनाना बेहद मंगलकारी हो सकता है:

  • विद्यार्थियों के लिए उपाय: यदि आपके बच्चे पढ़ाई में एकाग्रता की कमी महसूस कर रहे हैं या उनका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो इस चतुर्थी के दिन उन्हें भगवान गणेश के समक्ष बैठकर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है और वे अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
  • आर्थिक समृद्धि का मार्ग: अगर आप आर्थिक तंगी या धन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, तो संकष्टी चतुर्थी की रात एक विशेष उपाय करें। पूजा के बाद रात में सोते समय एक मिट्टी का दीपक लें और उसमें शुद्ध गाय का घी भरें। इसके बाद दीपक में चार लौंग डालकर उसे प्रज्वलित करें। भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करते हुए ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। माना जाता है कि इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं।
  • संकटों के विनाश के लिए: जीवन में आने वाले गंभीर संकटों और बाधाओं को समाप्त करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत प्रभावशाली है। पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया यह पाठ न केवल मन को शांति देता है, बल्कि जीवन में आने वाले सभी विघ्नों का नाश करके सुख और समृद्धि के द्वार खोलता है।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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