धर्म
एक घंटा पहले
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विचारों
घर का मुख्य द्वार और सकारात्मक ऊर्जा का संबंध
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे को केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि सौभाग्य का द्वार माना जाता है। इसी रास्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। आमतौर पर लोग शाम होते ही सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य द्वार को बंद कर देते हैं, लेकिन वास्तु के दृष्टिकोण से यह तरीका गलत हो सकता है। शाम का समय घर में साफ-सफाई रखने, दीपक प्रज्वलित करने और सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
सूर्यास्त के समय क्या करें
फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, जब सूर्य अस्त हो रहा हो, उस समय अपने घर के मुख्य दरवाजे के साथ-साथ अंदर के सभी दरवाजों को कुछ देर के लिए खुला रखना चाहिए। उनका कहना है कि इस समय घर में गंगाजल का छिड़काव करना अत्यंत शुभ होता है। मुख्य द्वार के बाहर घी का एक दीपक जलाना चाहिए और इसे कम से कम आधा घंटा तक खुला छोड़ देना चाहिए।
क्यों जरूरी है यह उपाय
महंत के अनुसार, शाम के समय दरवाजा खुला रखने और दीपक जलाने के पीछे एक गहरा कारण है। ऐसा करने से घर में दिनभर जमा हुई समस्त नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। वास्तु के नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और किसी भी प्रकार के दोष से मुक्ति मिलती है। इसलिए, अंधेरा होते ही दरवाजा बंद करने की जल्दी न करें और इन आसान वास्तु उपायों को अपनाएं।
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