विपक्षी एकता पर संजय राउत का बड़ा सुझाव, बोले- शरद पवार पहल करें और समान विचारधारा वाले दल कांग्रेस में आएं महाराष्ट्र एक महीने पहले 16
शिवसेना-UBT नेता संजय राउत ने कांग्रेस से अलग हुए समान विचारधारा वाले दलों के एक साथ आने की वकालत की है। उन्होंने इस पहल के लिए शरद पवार से नेतृत्व करने का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र की राजनीति से एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। इन दिनों राज्य में विपक्षी दलों की एकजुटता को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। शिवसेना-UBT के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक अहम बयान में सुझाव दिया है कि कभी कांग्रेस से अलग होकर बने दलों को अब फिर से एकजुट हो जाना चाहिए। उन्होंने NCP-शरद चंद्र पवार सहित अन्य समान विचारधारा वाले दलों के कांग्रेस में विलय या उसके साथ आने की पैरवी की है।

राउत का मानना है कि देश में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक सशक्त विकल्प तैयार करने के लिए एक 'अखंड कांग्रेस' का अस्तित्व बेहद जरूरी है। मौजूदा राजनीतिक हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "एक मजबूत और अखंड कांग्रेस को देश के भीतर एक प्रबल विकल्प के रूप में खड़ा रहना चाहिए।"

पवार साहब को आगे आना चाहिए: राउत

संजय राउत ने जोर देकर कहा कि इस बड़े कदम की शुरुआत शरद पवार को ही करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "पवार साहब को इस संदर्भ में आगे आना चाहिए और पहल करनी चाहिए। माननीय शरद पवार जी... यह जो विचारधारा या भूमिका बन रही है, एक साथ आने की... उस संदर्भ में अगर उन्होंने नेतृत्व किया और पहल की, तो यह विचार बहुत आगे जाएगा।"

'वे आज भी कांग्रेस की विचारधारा पर चल रहे हैं'

जब राउत से पूछा गया कि क्या उनके इस बयान का अर्थ यह है कि शरद पवार की एनसीपी को कांग्रेस के साथ चले जाना चाहिए, तो उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। उनके अनुसार, जो दल किसी समय कांग्रेस से ही अलग हुए थे, वे आज भी उसी विचारधारा पर काम कर रहे हैं। राउत ने कहा कि कुछ कारणों से कांग्रेस से बाहर निकले ये दल आज भी उसी विचारधारा का अनुसरण कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ये सभी दल सरकार में रहकर या विपक्ष में बैठकर कई मोर्चों पर पहले से मिलकर काम कर रहे हैं। राउत के मुताबिक, अगर ये तमाम दल एक साथ आ जाते हैं, तो कपट और साजिश के जरिए देश पर थोपे गए भ्रष्ट शासन के खिलाफ एक बहुत बड़ा विकल्प खड़ा किया जा सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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