सहारनपुर की बेटियां बनीं झांसी की रानी, लाठी और तलवार से देंगी छेड़खानी का करारा जवाब उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 21
सहारनपुर में आर्य समाज की ओर से आयोजित सात दिवसीय वीरांगना शिविर में सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने लाठी चलाने और तलवारबाजी का प्रशिक्षण लिया, ताकि वे आत्मरक्षा खुद कर सकें।

घर से बाहर कदम रखते ही असुरक्षा का जो भाव बेटियों के मन में पैदा होता है, उसे दूर करने के लिए सहारनपुर में आर्य समाज आगे आया है। संस्था ने जनपद के हर विधानसभा क्षेत्र से लड़कियों को आगे लाकर उन्हें इस काबिल बनाने का बीड़ा उठाया है कि वे अपनी ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और दूसरी लड़कियों की रक्षा भी अकेले कर सकें।

इसी मकसद से आर्य समाज ने सात दिवसीय वीरांगना शिविर का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और युवतियों को शरीर को स्वस्थ रखने, मन को शांत रखने और जरूरत पड़ने पर खुद की रक्षा करने के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और युवतियों ने लाठी चलाकर सभी को हैरान कर दिया, वहीं लड़कियों ने तलवारबाजी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

झांसी की रानी से मिली प्रेरणा

इस आयोजन के जरिए समाज में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि लड़कियां किसी भी मायने में लड़कों से कम नहीं हैं और वे अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। जिस तरह झांसी की रानी ने देश के लिए अंग्रेजों से लड़कर अपना बलिदान दिया था, उसी जज्बे और जुनून को इन बेटियों के भीतर भी जगाने की कोशिश की गई, ताकि समय आने पर ये देश के लिए लड़ सकें और अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।

लाठी से देंगी छेड़खानी का जवाब

लोकल 18 से बातचीत में चंदा आर्य ने बताया कि उन्होंने सहारनपुर की वीरांगनाओं को लाठी चलाना सिखाया है। उनका कहना है कि मौजूदा दौर में लड़कियों के साथ जिस तरह अत्याचार हो रहे हैं, उनसे बचने के लिए लाठी चलाने का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि लाठी चलाने का एक-एक अभ्यास इस तरह कराया गया है कि अगर कल को कोई उनके साथ छेड़छाड़ या अभद्रता करे, तो वे अपनी लाठी और सिखाए गए जूडो के दम पर खुद को बचा सकें।

तकरीबन 50 लड़कियों ने सीखी तलवारबाजी

खुशी ने लोकल 18 को बताया कि करीब 50 लड़कियों को तलवार चलाना सिखाया गया है। उनके अनुसार तलवारबाजी सीखने का मकसद यह है कि लड़कियां खुद को स्वस्थ और मजबूत बना सकें, और आज के माहौल को देखते हुए यह बहुत जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़कियां तलवार उठाने से पहले सौ बार सोचती हैं कि इसे चलाएंगी कैसे, जबकि इस शिविर में यही सिखाया जाता है कि तलवार कैसे चलानी है और दुश्मन से किस तरह लड़ना है।

आत्मनिर्भर बनकर करेंगी अपनी रक्षा

रितु ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सहारनपुर की लड़कियां अपनी आत्मरक्षा खुद कर सकें और बिना किसी डर के बाहर निकल सकें, इसी सोच के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। लड़कियों को सर्वांग सुंदर व्यायाम, जूडो-कराटे और तलवारबाजी सिखाई गई है, ताकि कोई छेड़खानी करे तो वे मुंहतोड़ जवाब दे सकें।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए हर लड़की को आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस आना बेहद जरूरी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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