आंध्र प्रदेश: काकीनाड़ा में परिवार की मौत का रहस्य, सुसाइड नोट में सादिक खान पर धर्म परिवर्तन और हत्या के गंभीर आरोप राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 9
आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा में गोदावरी नदी में कूदकर जान देने वाले परिवार ने मरने से पहले एक चौंकाने वाला सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें मुख्य आरोपी सादिक खान पर ब्लैकमेलिंग, पति की हत्या और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

काकीनाड़ा त्रासदी और सुसाइड नोट का खुलासा

आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गोदावरी नदी में कूदने से हुई मौत के मामले में अब एक नया और बेहद सनसनीखेज मोड़ आ गया है। इस पूरी घटना के पीछे 38 वर्षीय सौजन्या द्वारा छोड़ा गया कथित पांच पन्नों का एक सुसाइड नोट सामने आया है। इस नोट में सादिक खान नामक एक व्यक्ति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव, और बेटे को अगवा कर आतंकवादियों को बेचने की धमकी देना शामिल है। सबसे चौकाने वाला दावा यह है कि सौजन्या ने अपने पति जगदीश रेड्डी की असामयिक मृत्यु के लिए भी सादिक को ही जिम्मेदार ठहराया है।

प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का लंबा सिलसिला

सौजन्या ने अपने नोट में दर्दनाक आपबीती बयां की है। उसने लिखा है कि सादिक ने उसके बेटे रियांश का इस्तेमाल करके परिवार के बारे में निजी जानकारी जुटाई और फिर उसे ही उनके खिलाफ हथियार बनाकर इस्तेमाल किया। उसने आरोप लगाया कि सादिक लगातार उसे परेशान करता था और जब भी वह इसका विरोध करती, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। सौजन्या के अनुसार, स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि वह अपने बेटे की सुरक्षा के डर से घुट-घुट कर जीने को मजबूर थी। उसने नोट में यह भी उल्लेख किया है कि वह अपने पास नींद की गोलियां रखने लगी थी क्योंकि मानसिक दबाव असहनीय हो गया था। सादिक न केवल उसे धमकियां देता था, बल्कि उसके परिवार पर भी कड़ी नजर रखता था। उसे वॉट्सऐप बिजनेस के माध्यम से चौबीसों घंटे ऑनलाइन रहने के लिए मजबूर किया जाता था और उसकी हर गतिविधि पर सादिक की नजर रहती थी।

पति की हत्या और संपत्ति पर कब्जे का आरोप

सौजन्या का नोट इस मामले के सबसे गंभीर पहलू पर प्रकाश डालता है, जो उसके पति जगदीश रेड्डी की मौत से जुड़ा है। उसका दावा है कि सादिक ने कनाडा से मुंबई के रास्ते एक अत्यंत घातक और जहरीला केमिकल मंगवाया था, जिसे उसने जगदीश को दिया। इसी के सेवन से उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद सादिक का परिवार पर नियंत्रण और भी मजबूत हो गया। नोट में आरोप लगाया गया है कि सादिक ने घर की चाबियों से लेकर संपत्ति के सभी जरूरी दस्तावेजों तक पर अपना कब्जा जमा लिया था। इतना ही नहीं, सौजन्या ने सादिक के परिवार से मदद की गुहार लगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी आरोपी के पक्ष में खामोश देखा गया और उसे आरोपी से दूर रहने की सलाह दी गई, जिससे उसे कोई राहत नहीं मिली।

जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव

सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों में 'धर्मांतरण' का मुद्दा सबसे ऊपर है। सौजन्या ने साफ लिखा है कि सादिक उस पर लगातार इस्लाम कबूल करने का दबाव डालता था। उसे इस्लामी किताबें पढ़ने और उन पर रोजाना नोट्स तैयार करने के लिए मजबूर किया जाता था। जब भी सौजन्या ने इसका विरोध किया, उसे क्रूरता का सामना करना पड़ा। उसने अपनी आत्महत्या से करीब 10 दिन पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उसे तीन दिनों तक लगातार पीटा गया था। नोट में उप्पाडा बीच की एक घटना का भी उल्लेख है, जहाँ उसे समुद्र में धकेल दिया गया था और बाद में उसे बाहर खींचकर फिर से चट्टानों पर पटकने की धमकी दी गई थी।

16 अगस्त की वह काली रात

यह दुखद घटना 16 अगस्त की रात को घटी। काकीनाड़ा जिले में पंचायत राज विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत 61 वर्षीय नूकराजू, उनकी 58 वर्षीय पत्नी मीना, बेटी सौजन्या और नाती रियांश राजामहेंद्रवरम रोड-कम-रेल ब्रिज पर पहुंचे। इन चारों ने कथित तौर पर गोदावरी नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय मछुआरों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण रियांश को तो बचा लिया गया, लेकिन नूकराजू, मीना और सौजन्या की जान नहीं बच सकी। पुलिस को जांच के दौरान नूकराजू का भी एक सुसाइड नोट मिला, जबकि सौजन्या का पत्र उसकी स्कूटर के पास से बरामद हुआ। दोनों नोटों में सादिक खान का नाम प्रमुखता से दर्ज था।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

इस घटना के बाद सादिक खान अपना मोबाइल बंद करके फरार हो गया था। आंध्र प्रदेश पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए 10 विशेष टीमों का गठन किया। पांच राज्यों में सघन तलाशी अभियान चलाने के बाद पुलिस को कामयाबी मिली और सादिक को उत्तर प्रदेश के मेरठ से धर दबोचा गया। उसे ट्रांजिट वारंट पर काकीनाड़ा लाया गया और मेडिकल जांच के बाद अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब सरपावरम थाने में उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई और उसके संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस सादिक द्वारा संचालित शूटिंग अकादमी की संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

राजनीतिक हलचल और विरोध

इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। वाईएसआर कांग्रेस की पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी ने इसे महज प्रताड़ना का मामला मानने से इनकार करते हुए इसे 'लव जिहाद' की सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सादिक इसी तरह अन्य परिवारों को भी निशाना बनाता रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने काकीनाड़ा में जोरदार प्रदर्शन किया और सादिक खान को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे अभी सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं और ठोस सबूत इकट्ठा करने के बाद ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन इस केस ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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