सावन के महीने में शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, सद्गुरु की फिल्म शिव-द आदियोगी 2027 में होगी रिलीज धर्म 2 घंटे पहले 2
सावन के पावन अवसर पर सद्गुरु ने भगवान शिव के जीवन पर आधारित एक भव्य एनिमेशन फिल्म की घोषणा की है। ग्राफिक इंडिया के साथ मिलकर बन रही यह फिल्म साल 2027 में वैश्विक स्तर पर दर्शकों के सामने आएगी।

शिव भक्तों के लिए आध्यात्मिक तोहफा

पवित्र सावन के महीने में भगवान शिव के उपासकों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने आधिकारिक रूप से शिव-द आदियोगी नामक एक एनिमेशन फीचर फिल्म के निर्माण की घोषणा की है। यह फिल्म भगवान शिव के आदियोगी स्वरूप और उनकी महान शिक्षाओं को आधुनिक सिनेमाई तकनीक के माध्यम से दुनिया भर के दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगी। इस फिल्म के जरिए प्राचीन भारतीय योग परंपरा को एक बड़े कैनवास पर उकेरा जाएगा, जिसका वैश्विक प्रीमियर 2027 में प्रस्तावित है।

ग्राफिक इंडिया के साथ विशेष साझेदारी

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए सद्गुरु की संस्था ने मशहूर प्रोडक्शन हाउस ग्राफिक इंडिया के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। ग्राफिक इंडिया पहले भी भारतीय एनिमेशन जगत में अपनी पहचान बना चुका है, विशेष रूप से लोकप्रिय सीरीज द लीजेंड ऑफ हनुमान के निर्माण के साथ। इस फिल्म के निर्देशन और पटकथा के महत्वपूर्ण कार्यों में ग्राफिक इंडिया के सह-संस्थापक शरद देवराजन की भूमिका मुख्य होगी। वे फिल्म में निर्माता, सह-निर्माता और लेखक के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।

योग के आदि गुरु की कहानी

फिल्म की पटकथा पूरी तरह से सद्गुरु द्वारा साझा की गई योग की उन कथाओं पर आधारित होगी, जो सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दर्शकों को यह दिखाएगी कि कैसे आदियोगी ने मानवता को उन सीमाओं से परे जाने का मार्ग दिखाया, जिन्हें अक्सर प्रकृति का अटल नियम माना जाता है। फिल्म का प्राथमिक उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है, ताकि योग के वास्तविक अर्थ और गहराई को एक नई पीढ़ी समझ सके।

शरद देवराजन का अनुभव और योगदान

भारतीय एनिमेशन उद्योग में शरद देवराजन एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने न केवल द लीजेंड ऑफ हनुमान का निर्माण किया है, बल्कि बाहुबली: द लॉस्ट लेजेंड्स और बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड जैसी सफल श्रृंखलाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इतना ही नहीं, भारतीय स्पाइडर-मैन पवित्र प्रभाकर के सह-निर्माण में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ निश्चित रूप से शिव-द आदियोगी की गुणवत्ता और दृश्यों को निखारने में मिलेगा।

आदियोगी का अर्थ और दर्शन

फिल्म की घोषणा के दौरान सद्गुरु ने शिव के आदियोगी स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि योग संस्कृति में शिव को केवल एक देवता के रूप में सीमित करना गलत होगा। उन्हें 'आदियोगी' यानी प्रथम योगी और 'आदिगुरु' यानी प्रथम गुरु के रूप में पूजा जाता है। सद्गुरु का मानना है कि आदियोगी ने ही मानवता को सबसे पहले यह ज्ञान दिया कि मनुष्य अपनी वर्तमान सीमाओं से आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। यही दर्शन इस फिल्म का मूल आधार है।

2027 में होगी ग्लोबल रिलीज

वर्तमान में यह फिल्म अपने निर्माण के प्रारंभिक चरण यानी डेवलपमेंट स्टेज में है। निर्माताओं का लक्ष्य फिल्म की कहानी की भावनाओं और आध्यात्मिक गहराई को अक्षुण्ण रखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना है। फिल्म के जरिए अलग-अलग संस्कृतियों और पीढ़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सावन के शुभ अवसर पर हुई इस घोषणा ने न केवल शिव भक्तों, बल्कि एनिमेशन सिनेमा के प्रेमियों के बीच भी भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। दुनिया भर के सिनेमाघरों में यह फिल्म 2027 में दर्शकों का इंतजार खत्म करेगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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