रूस से युद्ध की कीमत: यूक्रेन पर चढ़ा 10 लाख करोड़ का नया कर्ज, चुकाने में लग सकते हैं 35 साल विश्व एक घंटा पहले 2
रूसी एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2022 में जंग शुरू होने के बाद यूक्रेन का कर्ज 110 बिलियन डॉलर बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, और इसे चुकाने में करीब 35 साल लग सकते हैं।

Ukraine Debt Crisis: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की आर्थिक स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। रूसी समाचार एजेंसी TASS की रिपोर्ट की मानें तो फरवरी 2022 में जंग छिड़ने के बाद से यूक्रेन के सिर पर कर्ज का बोझ 110 बिलियन डॉलर यानी करीब 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये और बढ़ गया है। इसके साथ ही देश का कुल कर्ज बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19 लाख करोड़ भारतीय रुपये तक जा पहुंचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2024 से रूस के साथ लगातार चल रही लड़ाई, भारी रक्षा खर्च और विदेशी आर्थिक मदद पर बढ़ती निर्भरता ने यूक्रेन पर कर्ज की मार को तेजी से बढ़ा दिया है।

युद्ध के दौरान दोगुना से ज्यादा हुआ कर्ज

TASS ने शनिवार को दावा किया कि साल 2022 के बाद से यूक्रेन का कर्ज 110 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये अधिक हो चुका है, जिसमें विदेशी और घरेलू दोनों तरह के कर्ज शामिल हैं। यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर एजेंसी ने बताया कि इस अवधि में देश का कर्ज दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक यह 97.96 बिलियन डॉलर से बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है, यानी इसमें करीब 111.01 बिलियन डॉलर का इजाफा दर्ज किया गया है।

चार साल में तीन गुना बढ़ा विदेशी कर्ज

रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी बढ़ोतरी विदेशी कर्ज में देखने को मिली है। यह 57.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 162.73 बिलियन डॉलर यानी 15 लाख करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा हो गया है, जो 2022 की तुलना में करीब तीन गुना है। यह भी कहा गया है कि इस रकम में से यूक्रेन को अकेले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) को करीब 10 बिलियन डॉलर लौटाने हैं, जबकि बाकी रकम उसे अलग-अलग सहयोगी देशों को चुकानी होगी।

हर नागरिक के सिर पर 7 लाख रुपये का बोझ

रूसी एजेंसी का कहना है कि युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों से सैन्य सहायता और ग्रांट मिलने के बावजूद यूक्रेन का कर्ज तेजी से बढ़ता रहा। 'Institute for Demography and Social Studies' के हवाले से TASS ने दावा किया कि करीब 2.8 करोड़ की आबादी के हिसाब से देखें तो अब हर यूक्रेनी नागरिक पर करीब 7 हजार 500 डॉलर यानी लगभग 7 लाख 13 हजार 328 भारतीय रुपये का सरकारी कर्ज है।

कर्ज उतारने में लग सकते हैं 35 साल

बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच यूक्रेन की संसद वेरखोव्ना राडा के सांसदों का मानना है कि देश के मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकाने में ही करीब 35 साल का समय लग सकता है। इस बीच यूक्रेन लगातार पश्चिमी देशों से आर्थिक मदद हासिल करने की कोशिश में जुटा है। हाल ही में यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो के लोन पैकेज का ऐलान किया है, जो जल्द ही प्रभावी होगा। हालांकि जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यही बढ़ता कर्ज देश के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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