बिहार
एक घंटा पहले
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हाईवे पर पुलिस का मुखौटा पहनकर लूट
बिहार के रोहतास जिले में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सासाराम के शिवसागर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पखनारी के पास कुछ अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर वाहन चालकों को अपना शिकार बना रहे थे। ये गिरोह लंबे समय से हाईवे पर तैनात होकर पुलिस की तरह गाड़ियों की चेकिंग के बहाने लोगों से अवैध वसूली और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में था। हालांकि, समय रहते असली पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा और उनकी खतरनाक योजना को विफल कर दिया।
पुलिस की वर्दी में छिपे अपराधी
गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपी पूरी तरह से पुलिस और कमांडो की वर्दी में लैस थे। स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी कि हाईवे पर कुछ लोग वर्दी पहनकर वाहनों को रोक रहे हैं, जिसके बाद शिवसागर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान इन लोगों के पास से एक ऐसी गाड़ी बरामद हुई है जिस पर बकायदा पुलिस लिखा हुआ था। लुटेरों की यह पूरी तैयारी उन्हें असली सुरक्षाबलों के रूप में दिखाने के लिए थी, ताकि हाईवे से गुजरने वाले ट्रक चालक और अन्य वाहन चालक उन पर आसानी से भरोसा कर लें।
भारी मात्रा में हथियार और सामान बरामद
पुलिस की छापेमारी में इन नकली पुलिसकर्मियों के पास से आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुई हैं। इन अपराधियों के कब्जे से दो देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, एक ऐसी पिस्तौल भी मिली है जो देखने में बिल्कुल असली लगती है, लेकिन असल में वह एक खिलौना है। पुलिस ने इनके पास से कई वाहनों की नंबर प्लेट, बिहार पुलिस का लोगो लगी हुई टोपियां, दरोगा के फर्जी पहचान पत्र, पुलिस लिखा हुआ बोर्ड और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
कौन हैं ये फर्जी पुलिसकर्मी
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह मुख्य रूप से रोहतास और कैमूर जिले के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और अक्सर रात के अंधेरे में हाईवे पर अपना जाल बिछाता था। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मुख्य सरगना प्रवीण सिंह है, जो शिवसागर के कोनार का निवासी है। इसके साथ ही कैमूर जिले के सवार थाना अंतर्गत अमाव गांव का रहने वाला दिवाकर कुमार सिंह भी पकड़ा गया है। प्रवीण और दिवाकर दोनों ही दरोगा यानी सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर घूम रहे थे। इनके साथ पकड़े गए अन्य तीन आरोपियों में कैमूर के कुदरा का वीरेंद्र कुमार, रोहतास जिले के करगहर का इसरार आलम और चेनारी के छितराटॉढ का रजनीश कुमार शामिल हैं, जो कमांडो की ड्रेस पहने हुए थे। इनमें से इसरार आलम और दिवाकर कुमार सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।
पुलिस का बयान
सासाराम के एसडीपीओ गौरव यादव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने पूरी सतर्कता बरतते हुए इन अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने खुद को 2017 बैच का दरोगा बताकर गुमराह करने की कोशिश की थी। पुलिस अब इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों ने वर्दी पहनकर पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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