हरियाणा
3 महीने पहले
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हरियाणा में वाहन चोरी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां चोरों ने सीधे सरकारी संपत्ति पर ही हाथ साफ कर दिया। भिवानी के लोहारू सब-डिपो की एक हरियाणा रोडवेज बस शुक्रवार की रात को चरखी दादरी बस स्टैंड पर खड़ी की गई थी। अगले दिन यानी शनिवार की सुबह जब बस के चालक महेंद्र सिंह अपनी ड्यूटी के लिए वहां पहुंचे, तो बस अपने स्थान से गायब थी। बस को वहां न पाकर पूरे बस स्टैंड परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद चालक ने तुरंत स्थानीय पुलिस चौकी में जाकर इस घटना की शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी से मिली बड़ी कामयाबी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। शुरुआती तफ्तीश में पता चला कि बस को शुक्रवार की रात करीब 8 बजकर 53 मिनट पर चोरी किया गया था। पुलिस ने तुरंत बस स्टैंड और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि चोरी की गई बस लोहारू के रास्ते होते हुए राजस्थान की सीमा में दाखिल हुई है। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और राजस्थान पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर बस की घेराबंदी शुरू की। आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के चिंदोरिया थाना क्षेत्र से बस को बरामद कर लिया गया। मौके से आरोपी अजय को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस पूरी गुत्थी को महज 36 घंटे के भीतर सुलझा लिया।
DTC का पूर्व चालक निकला मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी झज्जर जिले के दुल्हेड़ा गांव का रहने वाला अजय है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी पहले दिल्ली DTC में चालक के पद पर काम कर चुका है। विभाग से बर्खास्त होने के बाद वह पूरी तरह से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया। आरोपी के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में चोरी के 4 से 5 मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की रेकी कर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपी अजय ने बताया कि उसने वारदात को अंजाम देने से पहले बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की शिफ्ट बदलने के समय का पूरा अध्ययन किया था। सुरक्षा में थोड़ी ढील मिलते ही उसने मौका पाकर बस चोरी कर ली। आरोपी का इरादा इस सरकारी बस को राजस्थान ले जाकर काटने और उसके पुर्जों को बाजार में बेचने का था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से उसकी यह योजना नाकाम हो गई। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वारदात में उसका कोई और साथी शामिल था या नहीं और गाड़ी को ठिकाने लगाने का उसका पूरा नेटवर्क क्या था।
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