ऋषिकेश में लीजिए हिमाचल के मशहूर सिड्डू का आनंद, श्रीराम सिड्डू कैफे में देसी घी और चटपटी चटनी के साथ मिलता है लाजवाब स्वाद उत्तराखंड एक घंटा पहले 4
तीर्थनगरी ऋषिकेश में अब हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक व्यंजन सिड्डू लोगों की पहली पसंद बन गया है। वीरपुर खुर्द रोड स्थित श्रीराम सिड्डू कैफे में आप नमकीन और मीठे सिड्डू का घर जैसा जायका ले सकते हैं।

हिमाचल का स्वाद अब ऋषिकेश की फिजाओं में

देवभूमि उत्तराखंड का ऋषिकेश न केवल अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए बल्कि अपने अनोखे खानपान के लिए भी जाना जाता है। अब इस तीर्थनगरी में सैलानियों और स्थानीय लोगों को हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन सिड्डू का स्वाद भी मिलने लगा है। अगर आप भी पहाड़ों के खानपान के शौकीन हैं और सिड्डू का असली जायका चखना चाहते हैं, तो अब आपको लंबी दूरी तय करके हिमाचल जाने की आवश्यकता नहीं है। ऋषिकेश की गलियों में ही आपको हिमाचली स्वाद का अनुभव हो जाएगा।

श्रीराम सिड्डू कैफे की विशेष पहल

ऋषिकेश में हिमाचल की इस पारंपरिक डिश को लोकप्रिय बनाने का श्रेय वीरपुर खुर्द रोड स्थित श्रीराम सिड्डू कैफे को जाता है। कैफे की संचालिका उपासना के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले इस अनूठी और पौष्टिक डिश को ऋषिकेश के लोगों तक पहुँचाने का निर्णय लिया। सिड्डू को बनाने की प्रक्रिया काफी धैर्य और मेहनत का काम है। इसमें आटे की एक मोटी परत तैयार की जाती है, जिसके भीतर ड्राई फ्रूट्स और खास हिमाचली मसालों का मिश्रण भरा जाता है। इसके बाद इसे भाप में पकाकर तैयार किया जाता है, जो इसे सेहत के लिए भी फायदेमंद बनाता है।

नमकीन और मीठे सिड्डू की किस्में और कीमत

यहाँ ग्राहकों को दो तरह के सिड्डू के विकल्प मिलते हैं, जो स्वाद में एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

  • साल्टी सिड्डू: इसकी कीमत 110 रुपये है। इसमें मूंगफली, अखरोट और अन्य ड्राई फ्रूट्स के साथ विशेष हिमाचली मसालों का उपयोग किया जाता है।
  • स्वीट सिड्डू: इसकी कीमत 120 रुपये रखी गई है। इसमें गुड़ और ड्राई फ्रूट्स की मिठास भरी होती है, जो मिठाई के शौकीनों को बेहद पसंद आता है।

परोसने का अंदाज भी इस डिश को और खास बनाता है। तैयार होने के बाद, प्रत्येक सिड्डू को 12 टुकड़ों में काटा जाता है और फिर भरपूर मात्रा में देसी घी के साथ परोसा जाता है। नमकीन सिड्डू का मजा लेने के लिए इसके साथ दो तरह की विशेष चटनी भी दी जाती है, जिसमें पहली मूंगफली की चटनी और दूसरी टमाटर-चिली चटनी होती है।

कैफे तक कैसे पहुँचे और समय

यदि आप ऋषिकेश में इस पहाड़ी व्यंजन का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आप वीरपुर खुर्द रोड पर स्थित सीमा डेंटल कॉलेज के पास जाकर इस कैफे को ढूंढ सकते हैं। यह स्थान खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन गया है। कैफे का समय भी काफी सुविधाजनक है। यह दुकान सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक खुली रहती है, जिससे पर्यटक कभी भी यहाँ आकर सिड्डू का स्वाद ले सकते हैं।

ग्राहकों को भा रहा घर जैसा अनुभव

यहाँ आने वाले नियमित ग्राहक और स्थानीय निवासी भी इस डिश की जमकर तारीफ करते हैं। अंकुर नाम के एक ग्राहक ने बताया कि सिड्डू का स्वाद बिल्कुल घर पर बने खाने जैसा महसूस होता है और इसकी गुणवत्ता बहुत अच्छी है। उन्होंने साझा किया कि ऋषिकेश में उन्होंने अब तक केवल इसी कैफे में सिड्डू का अनुभव किया है। उन्हें नमकीन सिड्डू और उसकी भरपूर फिलिंग सबसे ज्यादा आकर्षित करती है, जिसके कारण वे बार-बार यहाँ आते रहते हैं। यह अनुभव साबित करता है कि स्थानीय लोगों को नए तरह के पारंपरिक व्यंजनों को चखना और अपनाना कितना पसंद आ रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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