ऋषिकेश की यात्रा अधूरी है इन खास चीजों की खरीदारी के बिना, बाजार में खूब बिकते हैं ये सामान उत्तराखंड 18 घंटे पहले 8
ऋषिकेश आने वाले सैलानी केवल गंगा और पहाड़ों का दीदार ही नहीं करते, बल्कि यहां के बाजारों से अपनी यादों को समेटने के लिए खास चीजें भी खरीदकर ले जाते हैं।

ऋषिकेश के बाजार और पर्यटकों की पसंद

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध नगरी ऋषिकेश न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और गंगा की पावन लहरों के लिए जानी जाती है, बल्कि यहां का स्थानीय बाजार भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। ऋषिकेश आने वाले सैलानी जब वापस अपने घर लौटते हैं, तो वे खाली हाथ नहीं जाते। वे अपने साथ यहां की संस्कृति, आध्यात्मिकता और पहाड़ी स्वाद की झलक लेकर जाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि यहां के बाजारों में साल भर पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है।

आध्यात्मिक वस्तुओं की रहती है खास मांग

ऋषिकेश की पहचान दुनिया भर में योग और आध्यात्मिकता के केंद्र के रूप में है। इसी वजह से यहां के बाजारों में आध्यात्मिक महत्व रखने वाली वस्तुओं की बिक्री सबसे अधिक होती है। स्थानीय दुकानदार शिव अग्रवाल का कहना है कि पर्यटकों की सूची में रुद्राक्ष की माला सबसे ऊपर रहती है। लोग इसे अपनी धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ से जोड़कर खरीदते हैं। रुद्राक्ष के अलावा बाजारों में निम्नलिखित चीजों की भारी मांग बनी रहती है:

  • देवी-देवताओं की विभिन्न आकार की मूर्तियां।
  • धार्मिक तस्वीरें और पूजा में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान।
  • आध्यात्मिक उपयोग में आने वाली छोटी-बड़ी वस्तुएं।

पर्यटक इन चीजों को न केवल अपने घर के मंदिर के लिए खरीदते हैं, बल्कि अपने मित्र-मंडली और परिवार के सदस्यों के लिए उपहार के तौर पर भी ले जाते हैं।

योग संस्कृति से जुड़े उत्पाद

ऋषिकेश को विश्व की 'योग राजधानी' माना जाता है, इसलिए योग के साधकों और सामान्य पर्यटकों में योग से जुड़े उपकरणों को खरीदने का काफी उत्साह रहता है। योग मैट, ध्यान लगाने में मदद करने वाली सामग्री और योग से संबंधित पारंपरिक वस्तुएं सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि विदेशी पर्यटक भी ऋषिकेश की अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए यहां से छोटी-छोटी आध्यात्मिक निशानियां खरीदकर अपने देशों में ले जाते हैं।

पहाड़ों का शुद्ध स्वाद और स्थानीय उत्पाद

ऋषिकेश के बाजार में केवल धार्मिक वस्तुएं ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में उत्पादित प्राकृतिक चीजों की भी बड़ी खपत है। पहाड़ों की शुद्धता का अहसास कराने वाले उत्पाद पर्यटकों की पहली पसंद बन जाते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • शुद्ध और जैविक पहाड़ी शहद
  • पहाड़ों की खास खुशबू वाले स्थानीय मसाले।
  • पहाड़ी चाय और अन्य जड़ी-बूटियां।

इन चीजों की मांग इसलिए अधिक है क्योंकि ये उत्पाद शहर के आम बाजारों में आसानी से उपलब्ध नहीं होते। लोग अक्सर दुकानदारों से इनकी गुणवत्ता और उपयोग के बारे में जानकारी लेते हैं और फिर अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी करते हैं। ये उत्पाद न केवल सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, बल्कि लोग इन्हें तोहफे के रूप में देने के लिए भी चुनते हैं।

हस्तशिल्प और पहाड़ी कला का जादू

जो लोग अपनी यात्रा की यादों को फोटो या वीडियो के बजाय किसी ठोस वस्तु के रूप में संजोकर रखना चाहते हैं, वे हस्तशिल्प की ओर रुख करते हैं। ऋषिकेश के बाजार में हाथ से बनी सजावटी वस्तुएं और पहाड़ी संस्कृति को दर्शाने वाली कलाकृतियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। इसके साथ ही, स्थानीय कपड़ों और पहाड़ी डिजाइन वाले वस्त्रों की भी अच्छी बिक्री होती है। पर्यटक बाजारों की गलियों में घूमते हुए दुकानों का निरीक्षण करते हैं, चीजों की कीमतों की तुलना करते हैं और अंत में अपनी पसंद की वस्तुओं को खरीदकर ऋषिकेश की एक अनमोल याद अपने साथ ले जाते हैं। यही छोटी-छोटी खरीदारी ऋषिकेश के स्थानीय बाजारों की रौनक को बरकरार रखती है और यहां के छोटे व्यापारियों की आजीविका का मुख्य आधार भी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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