न लंबी कतार, न कठिन चढ़ाई: चश्मा पहनते ही 6 मिनट में केदारनाथ के दर्शन, टिकट सिर्फ ₹250 उत्तराखंड एक घंटा पहले 4
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित गंगा म्यूजियम में शुरू हुई VR तकनीक से श्रद्धालु एक ही जगह बैठकर केदारनाथ धाम की वर्चुअल यात्रा कर सकते हैं। महज ₹250 के टिकट पर बुजुर्गों और दिव्यांगों को गर्भगृह से आरती तक का सजीव अनुभव मिल रहा है।

केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए अब न तो घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा और न ही कठिन पहाड़ी चढ़ाई की थकान झेलनी होगी। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर स्थित गंगा म्यूजियम में एक ऐसी आधुनिक तकनीक की शुरुआत हुई है, जिसकी मदद से श्रद्धालु एक ही स्थान पर बैठकर बाबा केदारनाथ के गर्भगृह से लेकर भव्य आरती तक का सजीव दर्शन कर सकते हैं। खास तौर पर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वरदान बनी इस 'वर्चुअल यात्रा' का अनुभव सिर्फ ₹250 के टिकट पर लिया जा सकता है, और हेडसेट पहनते ही ऐसा एहसास होता है मानो व्यक्ति सचमुच हिमालय की गोद में खड़ा हो।

हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थों में से एक

केदारनाथ धाम को हिंदू धर्म के सर्वाधिक पवित्र तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए दुर्गम पहाड़ी मार्गों और लंबी यात्रा का सामना करते हैं। हालांकि उम्र, सेहत या किसी अन्य वजह से बहुत से लोग इस दिव्य यात्रा को पूरा नहीं कर पाते। ऐसे ही श्रद्धालुओं के लिए ऋषिकेश में एक अनूठी पहल की गई है, जो तकनीक के सहारे केदारनाथ धाम की यात्रा का अनुभव घर बैठे ही उपलब्ध करा रही है। अब त्रिवेणी घाट स्थित गंगा म्यूजियम में वर्चुअल रियलिटी यानी VR हेडसेट पहनकर लोग इस यात्रा का रोमांच और आध्यात्मिक अहसास महसूस कर सकते हैं।

गंगा म्यूजियम में हुई शुरुआत

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर मौजूद गंगा म्यूजियम में करीब दो सप्ताह पहले इस विशेष VR केंद्र की शुरुआत की गई। यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक VR ग्लास की मदद से केदारनाथ धाम की वर्चुअल यात्रा कर सकते हैं। हेडसेट लगाते ही महसूस होता है मानो व्यक्ति खुद हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम की ओर निकल पड़ा हो।

यह वर्चुअल यात्रा गौरीकुंड से शुरू होती है। इसके बाद श्रद्धालुओं को गौरी मंदिर, पैदल ट्रैक मार्ग, मंदाकिनी नदी के मनोहारी दृश्य, रास्ते के प्राकृतिक नजारे और यात्रा के अहम पड़ाव दिखाए जाते हैं। यात्रा के दौरान भीम शिला, केदारनाथ मंदिर परिसर, गर्भगृह और मंदिर में होने वाली आरती के दृश्य भी बेहद वास्तविक रूप में सामने आते हैं। लगभग छह मिनट की यह यात्रा लोगों को एक बिलकुल अलग अनुभव कराती है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वरदान

इस केंद्र के संयोजक प्रमोद ने बताया कि इस पहल का मुख्य मकसद उन लोगों तक चारधाम यात्रा का अनुभव पहुंचाना है, जो किसी कारणवश वास्तविक यात्रा नहीं कर पाते। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोग इस तकनीक के जरिए धाम के दर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही यह सुविधा उन पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रही है, जो आधुनिक तकनीक और धार्मिक पर्यटन का अनूठा मेल देखना चाहते हैं।

सिर्फ ₹250 के टिकट में दर्शन

इस केंद्र के माध्यम से सिर्फ केदारनाथ ही नहीं, बल्कि बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत पूरे चारधाम के दर्शन भी किए जा सकते हैं। इसके अलावा देशभर के 60 से अधिक प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की वर्चुअल यात्रा भी जल्द ही यहां उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर कई पवित्र धामों के दर्शन का मौका मिलेगा।

यह केंद्र त्रिवेणी घाट स्थित गंगा म्यूजियम के भीतर, गंगा आरती स्थल के ठीक सामने बनाया गया है। यहां प्रति धाम यात्रा के लिए 250 रुपये का शुल्क तय किया गया है। श्रद्धालु अपनी पसंद के धाम का चयन कर VR अनुभव का लाभ उठा सकते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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