विश्व
4 घंटे पहले
6
विचारों
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां पहुंच चुके हैं। इस दो दिवसीय वैश्विक महामंच पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं, जहां भारत, रूस और चीन जैसी बड़ी ताकतों के प्रमुख मिलकर वैश्विक और क्षेत्रीय सहयोग के नए समीकरण तय करेंगे।
बिश्केक में वैश्विक नेताओं का महाजुटान
इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान सहित अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा बनने पहुंचे हैं। 31 अगस्त 2026 को शुरू हुए इस आयोजन के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताओं और रणनीतिक समझौतों की उम्मीद की जा रही है, जो भविष्य की अंतरराष्ट्रीय नीतियों को एक नई दिशा दे सकते हैं।
भारत की भूमिका और रणनीतिक समीकरण
SCO देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। भारत लगातार इस मंच का उपयोग क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए करता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में इस बार भी भारत अपनी मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति को रेखांकित करेगा।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर टिकी हैं सबकी नजरें
- क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति।
- सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों और आपसी आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।
- मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी परियोजनाओं को और अधिक व्यावहारिक बनाना।
Comments
0 comment