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13 घंटे पहले
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विचारों
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक हालिया कदम ने मॉस्को और टोक्यो के बीच कूटनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। पुतिन द्वारा विवादित कूरील द्वीप समूह का दौरा करने के बाद रूस और जापान के बीच ऐतिहासिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इस दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच रिश्तों में तल्खी आ गई है और तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
पुतिन की यात्रा पर जापान की तीखी प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 13 अगस्त को इटुरुप द्वीप का दौरा किया था। जापान इस क्षेत्र को अपने नॉर्दन टेरिटरीज का हिस्सा मानता है और इस पर अपना दावा करता है। पुतिन की इस यात्रा पर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बेहद कड़ी और आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ताकाइची ने रूसी राष्ट्रपति के इस दौरे को गंभीर और पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है।
रूस का पलटवार और जापानी राजदूत को समन
जापान की प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर रूस ने भी कड़ा रुख अपनाया है। रूस ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जापानी राजदूत को अपने विदेश मंत्रालय में तलब किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बयानों की कड़ी निंदा की और उनकी टिप्पणियों को पूरी तरह से रूसी विरोधी बताया।
साल 1945 से जारी है पुराना विवाद
कूरील द्वीप समूह को लेकर रूस और जापान के बीच का यह विवाद बेहद पुराना है। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र पर अधिकार को लेकर साल 1945 से ही गतिरोध बना हुआ है। इसके अलावा, हाल के समय में यूक्रेन युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच दूरियां और अधिक बढ़ गई हैं। जापान द्वारा रूस पर लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों और यूक्रेन को दिए जा रहे समर्थन ने इस विवाद की आग में घी डालने का काम किया है, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में लगातार कड़वाहट बढ़ रही है।
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