जोहान्सबर्ग में सामूहिक गोलीकांड: वाहन से उतरे हमलावरों ने समूह में खड़े लोगों को भूना, 12 की मौत, 9 घायल विश्व एक महीने पहले 23
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग की एक अनौपचारिक बस्ती में हुए सामूहिक गोलीकांड में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 9 अन्य घायल हो गए। पुलिस 10 से अधिक हथियारबंद हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुए एक भयावह सामूहिक गोलीकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। शहर के पूर्वी हिस्से में बसी एक अनौपचारिक बस्ती में हुई इस वारदात में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान छेड़ दिया है और 10 से अधिक हथियारबंद हमलावरों की तलाश की जा रही है।

कैसे हुई वारदात

पुलिस के अनुसार मंगलवार रात करीब 11 बजे क्लीवलैंड इलाके की जंपर्स बस्ती में अचानक गोलियों की गूंज सुनाई दी। स्थानीय लोगों की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में पता चला कि हमलावर एक सफेद टोयोटा क्वांटम वाहन में सवार होकर पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि हमलावर दो अलग-अलग रास्तों से बस्ती में घुसे और फिर छोटे-छोटे समूहों में बंटकर अलग-अलग जगहों पर मौजूद लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। पूरी वारदात बेहद सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गई और हमले के बाद सभी हमलावर उसी वाहन से फरार हो गए।

आठ पुरुष और तीन महिलाएं मौके पर ही मारी गईं

घटनास्थल पर ही 8 पुरुषों और 3 महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया था। बाद में एक अन्य घायल व्यक्ति ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई। घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अवैध खनन से जुड़े होने की आशंका

पुलिस फिलहाल हमले के पीछे की असल वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह वारदात इलाके में अवैध खनन को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी हो सकती है। जिस इलाके में हमला हुआ, वह एक बंद पड़ी सोने की खदान के नजदीक स्थित है, जहां पहले भी अवैध खनन की गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं।

घटना के बाद स्पेशल फोर्स, फोरेंसिक विशेषज्ञ और अपराध शाखा की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सबूत जुटाने का काम शुरू कर दिया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका में हिंसा क्यों बनी बड़ी समस्या

दक्षिण अफ्रीका लंबे समय से गंभीर अपराध की चुनौती से जूझ रहा है। देश के कई इलाकों में गैंगवार, संगठित अपराध और सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। हाल के वर्षों में यहां बढ़ती हिंसा की प्रमुख वजहें बेरोजगारी, गरीबी, संगठित अपराध, गैंगवार और अवैध खनन से जुड़ी हैं।

पुलिस के मुताबिक कई आपराधिक गिरोह खनन क्षेत्रों पर कब्जे को लेकर आपस में भिड़ते रहते हैं, जिसके चलते अक्सर खूनी टकराव होते हैं। इसके अलावा हथियारों की आसान उपलब्धता और कमजोर आर्थिक हालात भी अपराध को बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में गोलीबारी, लूटपाट और गैंग से जुड़ी हिंसा लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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