कांगो में बेकाबू होता इबोला, संक्रमितों का आंकड़ा 550 पहुंचा, अब तक 101 की मौत विश्व 9 घंटे पहले 3
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां संक्रमितों की संख्या 550 और मृतकों की संख्या 101 तक पहुंच गई है। अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए जांच और निगरानी का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।

दुनिया के एक हिस्से में इस समय इबोला महामारी तेजी से फैल रही है। मामला डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) का है, जहां इबोला से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 550 हो गई है, जबकि 101 से अधिक संक्रमितों की मौत हो चुकी है। हालात पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक इबोला के 550 मामले सामने आ चुके हैं और 101 लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि संक्रमण की रफ्तार अब भी तेज है और मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

एक ही दिन में 35 नए मामले, 10 की मौत

स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को पूर्वी प्रांतों इतुरी और नॉर्थ किवु में 35 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो गई। इसी अवधि में सात मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे, जिसके बाद इबोला से ठीक होने वालों की कुल संख्या 19 पर पहुंच गई है।

अधिकारियों का कहना है कि महामारी का प्रसार अब भी हर सप्ताह बढ़ रहा है। हाल के दिनों में मामलों में जो हल्की कमी देखने को मिली थी, वह संक्रमण घटने का संकेत नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं से रिपोर्ट आने में हुई देरी का नतीजा हो सकती है। रविवार तक कुल 309 लोग अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती थे, जिनमें 116 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 193 लोगों को संदिग्ध मरीज के तौर पर निगरानी में रखा गया है।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का दायरा बढ़ा

संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी कर रहा है। प्रभावित तीनों प्रांतों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की दर बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गई है। कुल 5,418 लोगों को निगरानी सूची में रखा गया, लेकिन इनमें से सिर्फ 3,489 लोगों की ही जांच हो सकी। यह आंकड़ा 95 प्रतिशत के तय लक्ष्य से काफी पीछे है।

हालात को और मुश्किल बना रहा है नॉर्थ किवु क्षेत्र की प्रयोगशालाओं पर बढ़ता दबाव। रिएजेंट्स की कमी के चलते 183 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब भी लंबित है, जिससे संक्रमण की असल स्थिति का सही आकलन कर पाना कठिन हो रहा है।

कितना खतरनाक है यह स्ट्रेन

इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी। यह संक्रमण इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के कारण फैला है। हालांकि यह स्ट्रेन जैरे वैरिएंट की तुलना में कम देखने को मिलता है, लेकिन इससे गंभीर बीमारी और मौत का खतरा बना रहता है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित प्रांतों इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु की कुल आबादी करीब 1.5 करोड़ है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होकर पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे संक्रमण के और तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही प्रभावी नियंत्रण उपाय नहीं किए गए, तो यह प्रकोप और भी विकराल रूप ले सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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