जापान, अमेरिका और वेनेजुएला में एक साथ भूकंप: क्या ये प्राकृतिक घटनाएं आपस में जुड़ी हैं? विश्व 2 महीने पहले 80
हाल ही में दुनिया के तीन अलग-अलग देशों में आए शक्तिशाली भूकंपों ने वैश्विक विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इन घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, हालांकि वेनेजुएला में आए 'डबलट अर्थक्वेक' ने सभी को हैरान कर दिया है।

क्या दुनिया भर में आए भूकंपों का कोई कनेक्शन है

जापान, अमेरिका और वेनेजुएला में एक ही दिन आए तेज भूकंपों ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या ये भूकंप एक-दूसरे से प्रेरित हैं। जापान में 6.9, अमेरिका के कैलिफोर्निया में 5.6 और वेनेजुएला में महज 39 सेकेंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो झटके महसूस किए गए। हालांकि, विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इन घटनाओं का आपस में कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है।

वैज्ञानिकों की राय और तकनीकी कारण

कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) की सिस्मोलॉजिस्ट डॉ. लूसी जोन्स के अनुसार, ये भूकंप पूरी तरह से अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेटों और फॉल्ट लाइनों पर घटित हुए हैं। हजारों किलोमीटर की दूरी पर स्थित इन क्षेत्रों में एक ही दिन भूकंप का आना मात्र एक संयोग है। डॉ. जोन्स के मुताबिक, इन क्षेत्रों में जियोलॉजिकल प्रेशर या भूगर्भीय दबाव लंबे समय से जमा हो रहा था, जिसके चलते ये घटनाएं सामने आईं। एक स्थान पर आया भूकंप दूसरे दूरस्थ स्थान पर भूकंप की संभावना को नहीं बढ़ाता है।

वेनेजुएला में आया 'डबलट अर्थक्वेक'

वेनेजुएला में हुई घटना ने वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहाँ पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और उसके मात्र 39 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा शक्तिशाली झटका दर्ज किया गया। इस दुर्लभ स्थिति को 'डबलट अर्थक्वेक' कहा जा रहा है। ये झटके समुद्र के भीतर महसूस किए गए, जिसके कारण कुछ समय के लिए सुनामी का अलर्ट भी जारी करना पड़ा। राजधानी कराकास समेत कई हिस्सों में इमारतों को नुकसान पहुंचा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

क्या होता है डबलट अर्थक्वेक

सिस्मोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका के अनुसार, डबलट अर्थक्वेक तब होता है जब:

  • पहला भूकंप आने से पास की फॉल्ट लाइन पर अत्यधिक दबाव बन जाता है।
  • यदि उस दूसरी फॉल्ट लाइन पर पहले से तनाव मौजूद हो, तो वह तुरंत सक्रिय हो जाती है।
  • नतीजतन, बहुत कम समय के अंतराल में लगभग समान तीव्रता वाले दो झटके महसूस किए जाते हैं।

इस तरह की घटनाएं अत्यधिक दुर्लभ होती हैं। अतीत में इंडोनेशिया के सुमात्रा, जापान के कुरिल द्वीप, अलास्का और फिलीपींस में भी ऐसी भूगर्भीय घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वैज्ञानिक इन आंकड़ों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि भविष्य में भूकंप के खतरों को लेकर बेहतर चेतावनी तंत्र विकसित किया जा सके।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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